इटावा : इटावा में लिपिक सहायक द्वारा ₹40,000 की रिश्वत लेने और गिरफ्तारी के मामले में बेसिक शिक्षा कार्यालय के बाहर कर्मचारियों ने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है. कर्मचारियों का आरोप है कि लिपिक सहायक को झूठे केस में फंसाया जा रहा है. वहीं, इस मामले में कर्मचारियों ने धरना प्रदर्शन करते हुए लिपिक की गिरफ्तारी को लेकर निष्पक्ष जांच की मांग की है.
इटावा में बेसिक शिक्षा विभाग के लिपिक अधिकारी की गिरफ्तारी को लेकर कर्मचारी धरने पर बैठ गए हैं और लगातार निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं. दरअसल, 29 नवंबर दिन शुक्रवार को विजिलेंस की टीम अचानक बेसिक शिक्षा कार्यालय पहुंची, जहां से वरिष्ठ लिपिक के पद पर तैनात शिवकुमार को ₹40,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया था. वहीं, टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर बकेवर थाने ले आई. अब इस पूरे मामले में सहायक कर्मचारी शिवकुमार के समर्थन में उतर गए हैं.
गलत तरीके से फंसाने का आरोप
जानकारी के मुताबिक एक अध्यापक के द्वारा विजिलेंस की टीम को बताया गया था कि लिपिक सहायक के द्वारा ₹40,000 की रिश्वत मांगी गई है जिस पर मौके पर पहुंची विजिलेंस की टीम ने लिपिक सहायक को रंगे हाथों पकड़ा था, जिसकी बाद उसकी गिरफ्तारी भी की गई थी. वहीं, अब लिपिक सहायक के समर्थन में उतरे कर्मचारियों का कहना है कि उनको गलत तरीके से फंसाने का काम किया जा रहा है.