उत्तर प्रदेश के मेरठ में यूपी STF की नोएडा यूनिट की लॉरेंस बिश्नोई गैंग के गुर्गे जीतू उर्फ जितेंद्र के साथ मुठभेड़ हुई. इस दौरान STF ने बदमाश को एनकाउंटर में ढेर कर दिया. जितेंद्र पर एक लाख का इनाम घोषित किया गया था. जितेंद्र को आजीवन कारावास की सजा मिली हुई थी. वह पैरोल पर जेल से बाहर आया था और फिर फरार हो गया था. पुलिस तब से ही उसकी तलाश कर रही थी.
अब बुधवार, 26 फरवरी को यूपी एसटीएफ की नोएडा यूनिट की बदमाशों के साथ थाना मुंडाली मेरठ क्षेत्र में मुठभेड़ हुई. इसमें एक बदमाश को गोली लग गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसको इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान जीतू की मौत हो गई. इसके बाद उसकी पहचान लॉरेंस बिश्नोई गैंग के गुर्गे जीतू उर्फ जितेंद्र के रूप में हुई, जो हरियाणा के झज्जर का रहने वाला था.
पैरोल पर बाहर आकर की थी हत्या
जितेंद्र ने साल 2016 में झज्जर में डबल मर्डर की वारदात को अंजाम दिया था, जिसके बाद उसे आजीवन कारावास हो गई थी. इसी मुकदमे में वह 2023 में पैरोल पर जेल से बाहर आया था, लेकिन फिर जेल वापस जाने की बजाय फरार हो गया था. इसके बाद जितेंद्र ने साल 2023 में ही सुपारी लेकर गाजियाबाद के थाना टीला मोड़ में एक व्यवसायी की गोली मारकर हत्या कर दी थी. इसी केस में उस पर एक लाख का इनाम घोषित किया गया था.
जीतू पर 8 आपराधिक मामले थे दर्ज
जेल में रहने के दौरान ही वह लॉरेंस बिश्नोई गैंग के संपर्क में आया और फरार होने के बाद गैंग के सदस्यों के साथ काम करने लगा. जीतू पर एक दो नहीं बल्कि पूरे 8 आपराधिक मामले दर्ज थे. किसी मामले में उसे 5 साल तो किसी मामले में उसे 10 साल की सजा सुनाई गई थी. वहीं एक केस में उसे आजीवन कारावास की सजा मिली थी. इसके अलावा कई मामलों में वह वांछित भी था, लेकिन अब पुलिस से मुठभेड़ में मारा गया.