हाथरस : महाकुंभ में देश-विदेश से श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाने संगम पहुंच रहे हैं. इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के टुकसान गांव निवासी सचिन ने 10 दिनों में 485 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर संगम में स्नान कर गंगा मैया का पूजन किया. उन्होंने यह कठिन यात्रा अपने 18 महीने के दिव्यांग बेटे के स्वास्थ्य और उसकी खुशहाली के लिए मन्नत के रूप में पूरी की.
सचिन ने बताया कि उनका बेटा दिवांक कमर और गर्दन से दिव्यांग है. कई अस्पतालों में इलाज कराने और मंदिरों में दर्शन-पूजन करने के बाद जब बेटे की तबीयत में सुधार दिखा, तो उन्होंने धार्मिक स्थलों की पैदल यात्रा करने का संकल्प लिया.
सचिन 24 जनवरी को जनपद हाथरस स्थित अपने घर से प्रयागराज महाकुंभ के लिए पैदल यात्रा पर निकले थे और रोजाना 40 से 45 किलोमीटर चलने के बाद, वह कुंभ नगरी प्रयागराज पहुंचे,
सचिन ने बताया यह भी बताया कि अपनी इस पैदल यात्रा के दौरान वह रात के समय में रास्ते में पढ़ने वाले ढाबों पर भोजन करने के बाद वहीं विश्राम करते और अगले दिन सुबह होते ही अपनी पैदल यात्रा पर चल देत थे.
संगम स्नान के बाद सचिन ने अयोध्या में श्रीरामलला के दर्शन के लिए पैदल यात्रा शुरू कर दी, बताया जा रहा है कि प्रभु श्रीराम के दर्शन करने के बाद सचिन दो दिन आराम करेंगे और फिर उज्जैन में महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने के लिए पैदल यात्रा करेंगे.
सचिन का कहना है कि इस धार्मिक पैदल यात्रा में भले ही कितने ही दिन क्यों न लग जाएं, लेकिन वह अपनी मन्नत पूरी करने के बाद ही घर वापस लौटेंगे.