ग्वालियर: शहर के गोला का मंदिर इलाके में नकली पुलिस ने रात को जमकर उत्पात मचाया। पहले तो वाहन चालकों को रोका। चेकिंग के नाम पर धमकाया। जबरन गाड़ी में सवार हो गए फिर रुपये न देने पर कांच भी फोड़ डाले।
एक वाहन चालक ने 60 हजार रुपये वसूलने की भी शिकायत की है। मामला पुलिस तक पहुंचा तो वह हरकत में आई। आरोपियों को भी पकड़ लिया है। दो आरोपित नाबालिग हैं, इनका सरगना सौरभ गौड़ है। इन पर गोला का मंदिर थाना पुलिस ने एफआइआर दर्ज कर ली है।
ऐसे खुला मामला
घासमंडी का रहने वाला राजू शाक्य लोडिंग चलाता है। वह बीती रात माल उतारने के बाद वापस लौट रहा था। जैसे ही गोला का मंदिर थाना क्षेत्र में रेसकोर्स रोड पर एलएनआइपीई के सामने पहुंचा, तो बुलट पर सवार होकर तीन युवक आए। इन लोगों ने ओवरटेक कर गाड़ी रोक ली। उतरते ही राजू में थप्पड़ मारे। उससे कहा कि हम पुलिस वाले हैं।
इनमें से एक युवक खुद को दरोगा बताने लगा। गाड़ी के कागज मांगे। जबरन गाड़ी में बैठे और गोला का मंदिर तक उसे लेकर आए। उससे रुपये मांगे और जब रुपये नहीं दे पाया, तो मारपीट कर दी। एक और वाहन चालक आया, उसे रोक लिया। उससे 60 हजार रुपये मांगे, जब वह रुपये नहीं दे पाया, तो गाड़ी के कांच फोड़ दिए। इसके बाद वाहन चालक ने पुलिस से शिकायत की।
दिनभर टालती रही पुलिस
फरियादी इस घटना के बाद गोला का मंदिर थाने पहुंच गया। थाने पहुंचने के बाद शिकायत की। यहां का स्टाफ पूरे दिन घटना को टालता रहा। पुलिसकर्मी इसे सड़क हादसा ही बताते रहे थे।
ग्वालियर रेंज के आइजी अरविंद सक्सेना तक यह शिकायत पहुंची, तब आनन-फानन में एफआइआर भी दर्ज हो गई। आरोपी भी पकड़ लिए गए। इससे पहले पुलिस चालक को ही दोषी बता रही थी।
आरोपियों को पकड़ने के दिए निर्देश
मेरे संज्ञान में मामला आया था, तुरंत एफआइआर दर्ज कर आरोपितों को पकड़ने के निर्देश दिए। थाने पर फरियादी की सुनवाई में कोताही बरती तो सख्त कार्रवाई होगी। मैं इस मामले में दिखवाऊंगा, किस वजह से एफआइआर तुरंत नहीं की गई।