मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा थाना क्षेत्र के ग्राम बिजरी में शुक्रवार 29 अगस्त की देर रात पुरानी रंजिश के चलते दो परिवारों के बीच विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया. इस दौरान एक पक्ष के पिता-पुत्र की हत्या कर दी गई. वारदात की खबर फैलते ही गांव में सनसनी फैल गई.
जानकारी के मुताबिक, लोधी समाज के दो परिवारों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था. शुक्रवार रात यह विवाद इतना बढ़ा कि मारपीट में भागीरथ लोधी और उनका बेटा राजकुमार गंभीर रूप से घायल हो गए. इलाज से पहले ही दोनों की मौत हो गई.
गांव में तनाव, भारी पुलिस बल तैनात
घटना की सूचना मिलते ही बंडा एसडीओपी प्रदीप वाल्मिकी, थाना प्रभारी और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचे. सुरक्षा की दृष्टि से गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया. शवों का पंचनामा बनाकर पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेजा गया है. पुलिस ने बताया कि आरोपी पक्ष के 19 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.
बाइक से खेत जाते समय हमला
रामरक्षयान सिंह लोधी (35) ने पुलिस को बताया कि उनके पिता भागीरथ लोधी और छोटे भाई रामकुमार लोधी पर गांव के कुछ लोगों ने सड़क पर हमला कर दिया. पिता और भाई शाम करीब 7 बजे बाइक से खेत की ओर जा रहे थे. मैं सड़क किनारे बैठा था, इसी दौरान मैंने देखा कि पिता और भाई की बाइक चंदन लोधी के घर के सामने रोक दी गई. वहां पर उपस्थित लोगों ने, जिनमें कुल 20 से अधिक नामी लोग शामिल थे, उन्होंने लाठी, कुल्हाड़ी, से पिता-भाई पर हमला कर दिया. रामरक्षयान के मुताबिक, पुराने विवाद के चलते हमलावरों ने गालियां दी और जान से मारने की नीयत से हमला किया. पिता और भाई बाइक से गिर गए, जिसके बाद उन्हें चंदन लोधी के घर की आंगन में ले जाकर मारपीट की गई. मैं और मेरी मां गीता बाई बचाने दौड़ीं, लेकिन हमलावरों में से मोती लोधी ने मेरी मां पर भी हमला किया. इसके बाद मौके पर सिलोचना भाभी, बेनीबाई लोधी और चचेरा भाई अरविंद लोधी पहुंचे, जिससे हमलावर भाग गए. हमले में रामकुमार को सिर के पीछे, कान और शरीर में गंभीर चोटें आईं. पिता भागीरथ को भी सिर और शरीर में गंभीर चोटें आईं. चचेरे भाई अरविंद ने 108 को कॉल किया. पिता और भाई रामकुमार को सरकारी अस्पताल में उपचार के लिए लाया गया. दोनों की हालत गंभीर थी, इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.