बैतूल। साहब, मेरी बेटी को दहेज की मांग करते हुए ससुराल के लोगों ने जहर पिलाकर छत से नीचे फेंक दिया। उसका गर्भपात करा डाला। इसके बाद पति ने उसे तीन तलाक दे दिया है। चार माह से दिव्यांग बेटी को न्याय नहीं मिल पाया है।
जिले के प्रभारी मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल को यह जानकारी देते हुए बैतूल के कंपनी गार्डन क्षेत्र के निवासी सिकंदर खान उनके पैरों में गिर गए। मंत्री ने तत्काल उन्हें उठाया और कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक से मामले को संज्ञान में लेकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
पिछले साल हुआ था निकाह
पीड़िता ने मंत्री को बताया कि उसका निकाह 2024 में बैतूल के शोएब से हुआ था। शादी के बाद से ही उस पर दहेज के लिए दबाव डाला जाने लगा। मारपीट और प्रताड़ना का सिलसिला शुरू हो गया। चार माह की गर्भवती होने पर भी 31 अक्टूबर 2024 को परिवार वालों के साथ पति ने मिलकर पहले उसे जबरन जहरीला पदार्थ पिला दिया। पिटाई करते हुए छत से नीचे फेंक दिया। उसे पाढर अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका 18 दिन इलाज चला।
19 नवंबर 2024 को पाढर अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद पति शोएब उसे बैतूल के करुणा अस्पताल ले गया। यहां महिला डॉक्टर ने दवाइयां दीं और ड्रिप के जरिए इंजेक्शन लगाए। 20 नवंबर को सुबह उसका गर्भपात हो गया। उसके पति ने सड़क पर ही तीन तलाक दे दिया। पीड़िता ने प्रभारी मंत्री से पति, ससुराल पक्ष के लोगों के साथ ही गर्भपात करने वाली डॉक्टर के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।