पहले भीड़ का हमला, फिर सड़क हादसा, लखीमपुर में बाघों की मौत से हड़कंप

लखीमपुर खीरी: जिले में एक ही दिन में दूसरे बाघ की मौत हो गई. पलिया में गुसाई भीड़ द्वारा बाघिन को मारे जाने का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा है कि कुछ घंटों बाद भीरा-पलिया हाईवे पर हादसे में बाघ की जान चली गई.

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लखीमपुर खीरी जिले में किशनपुर सेंक्चुरी के जंगल में भीरा-पलिया हाईवे पर कार की टक्कर से बाघ की मौत हो गई. उसका शव सड़क से 50 मीटर दूर जंगल के अंदर मिला. वन विभाग की टीम ने शव को कब्जे में लिया. उसका पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा.

 

सड़क पार करते समय हुआ हादसा 

 

किशनपुर सेंक्चुरी में भीरा-पलिया हाईवे पर बुधवार दोपहर करीब दो बजे जंगल से निकलकर एक बाघ हाईवे पारकर कर रहा था. इसी दौरान उधर से गुजर रही हरियाणा के नंबर की तेज रफ्तार कार की चपेट में आ गया. टक्कर लगने से बाघ सड़क से 50 मीटर दूर जाकर गिरा. मौके पर ही उसकी मौत हो गई.

 

टक्कर मारने वाली कार पुलिस ने कब्जे में लिया 

टक्कर मारने वाली कार को किशनपुर सेंक्चुरी मैलानी रेंज जंगल के बैरियर पर तैनात वन कर्मियों ने तलाशी लेने के लिए रोका इस दौरान टीम को कार पर बाघ के बाल चिपके मिले. यह देख टीम ने कार को कब्जे में लेकर चालक से पूछताछ करने के बाद इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी.

मार्ग से 50 मीटर दूर मिला शव 

वनाधिकारियों के सामने चालक ने बाघ से टक्कर लगने की बात स्वीकार की. इस पर वन कर्मियों की टीम बाघ की तलाश में जंगल के अंदर गई. जहां मार्ग से 50 मीटर दूरी पर जंगल के अंदर उसका शव पड़ा मिला. बाघ के मरने की सूचना पर दुधवा टाइगर रिजर्व के एफडी डॉ. एच राजामोहन, डीडी दुधवा डॉ. रंगाराजू टी ने मौका मुआयना किया.

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