छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में आधार कार्ड और पेन कार्ड से लोन दिलाने का झांसा देकर एक महिला ने लाखों रुपए की ठगी की है। वी-राइज फाइनेंस कंपनी चलाने वाली महिला ने बीमार और जरूरतमंद लोगों को कर्ज दिलाने के लिए उनके नाम पर एसी, एलईडी, मोबाइल जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की खरीदी कर ली।
जिसके बदले में उन्हें आधे पैसे नगद दे दी। ठगी की शिकार महिलाओं की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। पूरा मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है।
दरअसल, तेलीपारा के बजरंग कॉम्प्लेक्स में फरहत सिंह नाम की महिला वी-राइज फाइनेंस कंपनी के नाम पर ऑफिस खोलकर रखी है, जहां वह आधार कार्ड और पेन कार्ड लेकर आने पर लोन दिलाने का दावा करती है। आसान किश्तों में पैसा देने के लिए वह गरीब और जरूरतमंद लोगों को टारगेट करती है।
इसके एवज में महिला 3 हजार रुपए से लेकर पांच हजार रुपए तक कमीशन लेती है। महिला ने कई बीमार और जरूरतमंद महिलाओं को लोन दिलाने का झांसा दिया और उनके आधार कार्ड व पेन कार्ड के जरिए लोन लेकर एसी, एलईडी और मोबाइल खरीद ली है।
युवक बोला- बीमारी का इलाज कराने चाहिए थे पैसे
सिरगिट्टी में रहने वाला अनिल नाम के युवक ने बताया कि, वह बीमार है, उसे पैसों इलाज कराने के साथ ही दूसरे काम के लिए पैसों की जरूरत थी। इसी दौरान फरहत सिंह उन्हें मिली। उन्होंने 50 हजार रुपए से लेकर 1 लाख तक लोन दिलाने की बात कही। जिसके बाद उसका आधार कार्ड और पेन कार्ड ले ली।
साथ ही प्रोसेसिंग शुल्क के नाम पर पैसे भी ले लिए। इसके बाद से उसे घुमाने लगी और गोलमोल जवाब देने लगी। बाद में पता चला कि उनके नाम पर लोन लेकर मोबाइल खरीद ली है। जिसका किश्त पटाने के लिए अब फाइनेंस कंपनी के लोग घर आ रहे हैं। उन्होंने इस मामले की शिकायत पुलिस से की है।
व्यापार के नाम पर लोन दिलाने दिया झांसा
मुंगेली जिले की महिला ललिता यादव देवरीखुर्द में रहती हैं। उन्होंने धोखाधड़ी की शिकायत थाने में की है। महिला ने बताया कि, उनके मोहल्ले में आकर कुछ लोग लोन का पर्चा बांट रहे थे। बीमार होने और व्यापार करने के लिए उसे रुपए की आवश्यकता थी। पर्चा देखकर वह बजरंग कांप्लेक्स स्थित वी राइज कंपनी के कार्यालय पहुंची।
कंपनी के लोगों ने उनका आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज ले लिया। फिर उसे पांच लाख रुपए लोन दिलाने का झांसा दिया गया। इस दौरान उससे किश्तों में 22 हजार 500 रुपए भी वसूल ली। लेकिन, अब तक उसे लोन नहीं मिला है।
इलाज कराने के लिए चाहिए था कर्ज
देवरीखुर्द निवासी महिला कलेश्वरी मरकाम ने बताया कि, वह बीमार है, उसके घुटने का रिप्लेसमेंट हुआ है और सिकलसेल होने की वजह से ब्लड की जरूरत भी पड़ती है, जिसके लिए उसे पैसे चाहिए थे। इस दौरान पता चला कि आधार कार्ड और पेन कार्ड के जरिए लोन दिलाने की बात कही गई।
इसके बाद एक युवती के साथ उन्हें इलेक्ट्रिकल दुकान भेजा। यहां उनके नाम पर एसी खरीदी की गई। लेकिन, उन्हें कोई पैसा तक नहीं दिया गया है। बाद में पता चला कि उनके नाम पर एसी की खरीदी कर ली गई है। बाद में उसे पता चला कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है।
आधार कार्ड और पेन कार्ड से लोन दिलाने दिया झांसा
देवरीखुर्द की रहने वाली शीतला नायक ने बताया कि, आधार कार्ड और पेन कार्ड के जरिए लोन दिलाने की जानकारी मिली थी। तब वो वी-राइज कंपनी की ऑफिस पहुंची। यहां उनका आधार कार्ड और जब उसे रुपए मांगा तो कहा कि जल्द ही उन्हें लोन की रकम के साथ मोबाइल के पूरे पैसे देंगे।
बाद में ना तो उन्हें लोन मिला और ना ही रुपए। मुझे मोबाइल की कीमत के आधे पैसे 35 हजार रुपए मिले। जिसमें से 15 से 20 हजार रुपए वी-राइज कंपनी की महिला ले ली है। अब उन्हें 75 हजार रुपए कीमती मोबाइल का किश्त जमा करने कहा जा रहा है।