Gold Return: मुसीबत का सहारा होता था सोना, लेकिन अब बनाकर दे रहा है मोटा पैसा भी!

कहा जाता है कि सोना मुसीबत का सहारा होता है, लेकिन अब सोना बहुत सारा पैसा बनाकर भी देता है. दरअसल, इस साल गोल्ड (Gold) ने रिटर्न देने के मामले में निवेश के तमाम विकल्पों को पीछे छोड़ दिया है. 2025 के शुरुआती 45 दिनों में सोने का प्रदर्शन शेयर बाजार ही नहीं, बिटकॉइन से भी बेहतर रहा है. एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि गोल्ड से मुनाफा मिलने का ये दौर आगे भी जारी रह सकता है.

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इंडस्ट्री रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2025 में सोना अब तक 11 फीसदी तक महंगा हो चुका है और अब गोल्ड की कीमत 3,000 डॉलर प्रति औंस के स्तर की तरफ बढ़ रही है, जो पहली तिमाही में 3 हजार 80 डॉलर प्रति औंस के पार निकल सकती है.

भारत में सोने का भाव

सोने की कीमतों में ये तेजी अमेरिका में ट्रेड टैरिफ बढ़ने की वजह से होने का अनुमान जताया जा रहा है. माना जा रहा है कि जिस तरह से ट्रेड टैरिफ में इजाफा निवेशकों के बीच अस्थिरता को बढ़ा रहा है, उसे देखते हुए इंवेस्टर्स का रुझान सेफ हेवन असेट यानी सोने की तरफ बढ़ रहा है.

गोल्ड के इस साल के प्रदर्शन पर नजर डालें तो 2025 में स्पॉट गोल्ड का रेट 2 हजार 943 डॉलर के उच्चतम स्तर तक पहुंच चुका है. कोमेक्स गोल्ड भी 2 हजार 968 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड हाई पर जा चुका है. लंदन, स्विट्जरलैंड और एशिया में फिजिकल गोल्ड की मांग में इस दौरान बढ़ोतरी हुई है.

अगर भारत में सोने के भाव की बात करें तो सोमवार को 24 कैरेट 10 ग्राम की कीमत करीब 87,860 रुपये है. जबकि साल 2024 में सोने का भाव करीब 77500 रुपये था. यानी साल 2025 में सोने की कीमतों में करीब 15 फीसदी की तेजी आई है.

जमकर सोने की खरीदारी

ब्रोकरेज फर्म वेंचुरा सिक्योरिटीज के मुताबिक, कई देशों के सेंट्रल बैंक अपने रिजर्व के लिए भारी मात्रा में सोना खरीद रहे हैं. आने वाले समय में महंगाई बढ़ने और मंदी हावी होने की आशंका को देखते हुए गोल्ड का बुलिश ट्रेंड जारी रह सकता है.

आंकड़ों के मुताबिक 2024 में सेंट्रल बैंकों ने 1,045 टन सोना खरीदा था. ये लगातार तीसरे साल रहा, जब 1 हजार टन से ज्यादा सोना इन सेंट्रल बैंकों ने खरीदा है. पिछले 3 बरसों में सेंट्रल बैंकों की खरीद 2022 के पहले के 6 साल के बराबर रही है.

बाजार में सोने की कीमतों में तेजी की सबसे बड़ी वजह महंगाई की चिंता और सेंट्रल बैंकों की बढ़ती खरीदारी के बीच जियोपॉलिटिकल टेंशन बनी हुई है. हालांकि, डॉलर की मजबूती और बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी से सोने की कीमतों पर दबाव भी बना हुआ है.

बाजार में क्यों तेजी?

हाल ही में फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने संकेत दिया कि अभी ब्याज दरें नहीं घटेंगी. ऊंची ब्याज दरें सोने पर दबाव बनाए रख सकती हैं और अमेरिकी डॉलर की मजबूती सोने की कीमतों को सीमित कर सकती है.

बाजार एक्सपर्ट्स का कहना है कि गोल्ड में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा. लेकिन जब तक अनिश्चितता बनी रहेगी, सोना बुलिश रहेगा, यानी आने वाले दिनों में गोल्ड की चमक और बढ़ सकती है.

अगर भारत में सोने के भाव की बात करें तो सोमवार को 24 कैरेट 10 ग्राम की कीमत करीब 87,860 रुपये है. जबकि साल 2024 में सोने का भाव करीब 77500 रुपये था. यानी साल 2025 में सोने की कीमतों में करीब 15 फीसदी की तेजी आई है.

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