सूरजपुर : खरीफ सीजन में किसानों को समय पर और पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने को लेकर प्रदेश सरकार सक्रिय हो गई है.महिला एवं बाल विकास मंत्री एवं सूरजपुर जिले की प्रभारी मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने जिले के कलेक्टर एस. जयवर्धन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी हाल में खाद की कालाबाजारी नहीं होनी चाहिए.किसानों को पारदर्शी और सुचारु रूप से खाद वितरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि कृषि कार्य में किसी प्रकार की बाधा न आए.
मंत्री राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने खरीफ सीजन के लिए खाद की पर्याप्त व्यवस्था की है। प्रदेश में 14.62 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य के विरुद्ध 15.64 लाख मीट्रिक टन खाद का भंडारण किया जा चुका है। इसमें से अब तक 13.19 लाख मीट्रिक टन खाद किसानों तक पहुँचाया भी जा चुका है, जिसमें 6.39 लाख मीट्रिक टन यूरिया शामिल है। इसके अलावा 5.30 लाख बोतल नैनो यूरिया का भी भंडारण किया गया है, जिनमें से 4.18 लाख बोतल किसानों तक पहुँच चुकी हैं.
जिला सूरजपुर की स्थिति पर बात करते हुए मंत्री राजवाड़े ने कहा कि यहां भी यूरिया और अन्य रासायनिक खाद एवं बीज पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराए गए हैं.साथ ही नैनो यूरिया के उपयोग को प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे किसानों की लागत घटती है, उत्पादन में बढ़ोतरी होती है और पर्यावरण भी सुरक्षित रहता है.कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार नैनो खाद पारंपरिक उर्वरकों की तुलना में अधिक प्रभावी है और मिट्टी की उर्वरा शक्ति को बनाए रखने में सहायक है.
मंत्री ने जिला प्रशासन को यह भी निर्देशित किया कि सभी सहकारी समितियों, सेवा सहकारी समितियों और वितरण केंद्रों पर नियमित निरीक्षण किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि किसान बगैर किसी परेशानी के समय पर खाद प्राप्त कर सकें.किसी भी स्तर पर अनियमितता या कालाबाजारी की शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदारों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी.
उन्होंने किसानों से भी अपील की कि वे खाद प्राप्त करने में किसी भी तरह की दिक्कत या कालाबाजारी की जानकारी तुरंत प्रशासन तक पहुँचाएं.सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.
प्रदेश सरकार की यह मुहिम किसानों के लिए राहत भरी है.जहां एक ओर बारिश के अनियमित रुख से किसानों की चिंता बढ़ी है, वहीं खाद की पर्याप्त और समय पर उपलब्धता उनकी खेती को गति देगी। मंत्री राजवाड़े के इन निर्देशों के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि जिले में पारदर्शी खाद वितरण प्रणाली और मजबूत होगी तथा कालाबाजारी पर पूरी तरह अंकुश लगेगा.