गुजरात के वडोदरा शहर के नवायार्ड में एक इंजीनियर ने अपनी नाराजगी जनता पर निकाली. नवायार्ड में 23 अगस्त को पानी की आपूर्ति अचानक से एकदम ठप हो गई. तीन दिन तक पानी नहीं आया और नल सूख गए. नवायार्ड इलाके में अक्सर पानी की समस्या से यहां के लोगों को जूझना पड़ता है. ऐसे में लोगों को लगा कि पाइपलाइन फटने या रिसाव के चलते पानी नहीं आ रहा होगा, लेकिन जब पानी न आने की वजह सामने आई तो सभी चौंक गए.
दरअसल, यहां वडोदरा नगर निगम के डिप्टी एग्जीक्यूटिव इंजीनियर योगेश वसावा ने पानी का भूमिगत वाल्व बंद करवा दिया था, जिसके बाद पानी की सप्लाई बंद हो गई और लोगों को पानी नहीं मिला. ऐसे में लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा. कई लोग टैंकरों और हैंडपंपों से पानी भरने लगे. हैरानी की बात तो ये है कि इसकी जानकारी बाकी किसी अधिकारी को भी नहीं लगी. वह भी पानी की समस्या का समाधान ढूंढ़ने में लगे रहे.
ट्रांसफर होने से नाराज थे इंजीनियर योगेश
लेकिन असल में ये मामला डिप्टी एग्जीक्यूटिव इंजीनियर योगेश वसावा की नाराजगी से जुड़ा निकला. उन्हें जलापूर्ति विभाग से हटाकर सड़क विभाग के हॉट मिक्स प्लांट में ट्रांसफर कर दिया गया था. इस बात से योगेश खुश नहीं थे और इसका बदला लेने के लिए उन्होंने पानी की सप्लाई बंद कर दी. यानी उन्होंने अपना गुस्सा जनता पर निकाल दिया. योगेश का गुस्सा जनता के लिए मुसीबत बन गया, जिन्हें तीन दिन तक पानी की किल्लत से जूझना पड़ा.
ऐसे हुआ इंजीनियर का पर्दाफाश
इस मामले से पर्दा तब हटा, जब उस स्थान पर खुदाई कराई गई. खुदाई में सामने आया कि वाल्व को जानबूझकर बंद किया गया है. अब सवाल था कि ऐसा किसने किया. इसलिए मामले की जांच के लिए आसपास के सीसीटीवी फुटेज चेक किए गए. सीसीटीवी में कर्मचारी संजय माली को वाल्व बंद करते हुए देखा गया. इसके बाद जब संजय से पूछताछ की गई तो उसने सारा सच उगल दिया और बताया कि योगेश के कहने पर उसने ऐसा किया. इस तरह योगेश की पोल खुल गई.
दूसरे इंजीनियर ने शिकायत कराई दर्ज
इसके बाद डिप्टी एग्जीक्यूटिव इंजीनियर आलोक शाह ने योगेश के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. उन्होंने शिकायत में बताया कि योगेश ने अपना गुस्सा और नाराज़गी निकालने के लिए ऐसा किया. आलोक शाह ने शिकायत करते हुए योगेश पर आरोप लगाया कि योगेश ने उन्हें परेशान करने और लोगों में असंतोष पैदा करने की नीयत से पानी की सप्लाई बंद करवाई. इस घटना से इलाके के लोगों में भी आक्रोश है. उन्होंने जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है.