हाथरस: साइबर क्राइम थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए सस्ते दामों पर सीमेंट, सरिया और अन्य सामान बेचने का झांसा देकर ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है. गिरोह सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर फर्जी विज्ञापन डालकर लोगों को ठगता था. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 15 स्मार्टफोन, 26 सिम कार्ड, 13 एटीएम कार्ड, 24 आधार कार्ड, 14 पैन कार्ड, 3 वोटर आईडी और ठगी के ₹1,00,500 नकद बरामद किए हैं.
ऐसे देते थे घटना को अंजाम
गिरोह के सदस्य ऑनलाइन वेबसाइटों पर सस्ते सामान का फर्जी विज्ञापन डालकर लोगों को झांसे में लेते थे. जब कोई ग्राहक संपर्क करता था, तो सस्ते दामों पर सामान देने का लालच देकर उससे पैसे एडवांस में अपने बैंक खातों में डलवा लेते थे. ये बैंक खाते फर्जी दस्तावेजों के जरिए खोले गए थे.
आरोपी आधार कार्ड के पते बदलवाकर नए सिम कार्ड और बैंक खाते खुलवाते थे. पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गिरोह का मास्टरमाइंड प्रिंस नाम का व्यक्ति झारखंड के जामताड़ा में रहता है, जिसने उन्हें ठगी के तरीके सिखाए. गिरोह पिछले छह महीने से हरियाणा के कुंडली क्षेत्र में रहकर ठगी कर रहा था.
ठगी का मामला ऐसे हुआ उजागर
हाथरस निवासी बनवारी लाल ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई थी. कि उन्होंने घर बनाने के लिए गूगल पर सस्ते सीमेंट और सरिया के डिस्ट्रीब्यूटर का नंबर ढूंढा. आरोपी सुखदेव मिश्रा ने उनसे संपर्क कर सामान देने का वादा किया और एडवांस में पैसे मांगे. पैसे भेजने के बाद जब न सामान मिला और न ही आरोपी का फोन चालू हुआ, तब उन्हें ठगी का पता चला.
शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम थाने में मामला दर्ज किया गया. पुलिस अधीक्षक हाथरस ने इसे गंभीरता से लेते हुए टीम का गठन किया. साइबर टीम की तकनीकी जांच और अथक प्रयासों के बाद, पुलिस ने आरोपियों को हाथरस के हतीसा पुल के पास से गिरफ्तार किया.
पुलिस की सराहनीय कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक ने इस कार्रवाई को सराहनीय बताते हुए टीम को 25,000 रुपये का नकद इनाम देने की घोषणा की. मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं.