रायपुर में हवाला का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। राजधानी में हवाला से जुड़े करीब 14 ठिकाने हैं, जिसमें एमजी रोड, सदर बाजार इन सभी ठिकानों का हॉटस्पॉट है। इनमें राइस मिलर्स, सर्राफा कारोबारी और हलवाई लाइन के रसूखदार हिटलिस्ट में हैं। इनकी कुंडली खंगाली जा रही है।
भास्कर डिजिटल के पास हवाला कारोबार से जुड़ा एक वायरल वीडियो है, जिसे 19 मार्च को बनाया गया है। वीडियो में नोटों का पहाड़ दिख रहा है। वीडियो में 200 और 500 के नोटों के हजारों बंडल हैं। बंडलों को देखकर अंदाजा लगाया जा रहा है कि 3 से 5 करोड़ रुपए हो सकते हैं।
वीडियो रायपुर के हलवाई लाइन इलाके का बताया जा रहा है, जिसे हवाला करने से पहले सेकेंड पार्टी को सबूत के रूप में भेजा गया है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक ये रकम सर्राफा कारोबार से जुड़े हवाला कारोबारी के हैं।
अब जानिए कैसे चलता है हवाला का नेटवर्क ?
हवाला कारोबार से जुड़े कर्मियों के अनुसार छोटे अमाउंट के लिए पैसा दूसरे राज्य भिजवाने वाले व्यक्ति को हवाला कारोबारी के बताए ठिकाने पर आना होता है। कई बार हवाला कारोबारी अपने कर्मचारी भेजकर पैसा रिसीव करवा लेते है।
अमाउंट जब बड़ा होता है और उसे भेजने में पकड़े जाने का डर रहता है। ऐसे में उसकी मीटिंग नया रायपुर, VIP रोड के हाईप्रोफाइल होटल और फॉर्म हाउस में होती है। इसमें सब कुछ तय होता है। इसके बाद हवाला कारोबारी अपने नेटवर्क की मदद से पार्टी का पैसा उसके बताए लोकेशन में कमीशन लेकर भिजवा देता है।
छोटे नोटों से चल रहा करोड़ों का खेल
हवाला कारोबार करने वाले 1 रुपए, 10 रुपए, 20 रुपए, 50 रुपए और 100 रुपए के नोट से पूरा खेल करते हैं। नोट के नंबर के आधार पर ही पूरी डील होती है। दूसरे शहर के व्यापारी, जिस व्यापारी तक राशि पहुंचाना चाहते हैं, उसे नोट का नंबर बता देते हैं।
इसके बाद जहां रकम पहुंचानी होती है, वहां इस नंबर को बताने वाले को पैसा दिया जाता है। इसका खुलासा जून 2024 में छत्तीसगढ़ की दुर्ग पुलिस कर चुकी है। आरोपी अपने मोबाइल से नोट की फोटो खींचकर ग्राहकों को भेजते थे, फिर उनके दफ्तर में नोट की फोटो दिखाने पर रकम थमा दिया जाता था।
रायपुर से दिल्ली-मुंबई और झारखंड में ज्यादा हवाला
रायपुर से सबसे ज्यादा हवाला मुंबई, दिल्ली और झारखंड में किया जा रहा है। झारखंड में हवाला करने पर लाख रुपए में 300 से 700 रुपए का खर्च आता है। वहीं मुंबई और दिल्ली में हवाला करने पर 1500-2000 रुपए खर्च हवाला कारोबारी ले रहे हैं।
रायपुर में अधिकांश कारोबारी अपना कच्चे का पैसा लेन-देन करने के लिए सिंडिकेट बनाकर काम कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, सबसे ज्यादा हवाला एमजी रोड इलाके के कुछ बड़े कारोबारी कर रहे हैं।
अब जानिए रायपुर में कैसे खुला हवाला सिंडिकेट का राज ?
दरअसल, 12 मार्च 2025 को रायपुर पुलिस ने आमानाका इलाके में इनोवा गाड़ी (23 BH 8886J) को रोका था। इस गाड़ी में ड्राइवर मथुरा के श्रीकांत सिंह और आगरा के विनोद कुशवाहा मौजूद थे। गाड़ी जांच के दौरान 4.52 करोड़ कैश मिला था। पैसा पुलिस ने दो किश्तों में गाड़ी से बरामद किया था।
पुलिस की पूछताछ में श्रीकांत सिंह और विनोद कुशवाहा ने गाड़ी पॉर्किंग से रिसीव करने और उसे नागपुर लेकर जाने की बात स्वीकारी थी। पुलिस ने इनकम टैक्स के अफसरों के हवाले पैसा और ड्राइवरों को कर दिया था। 13 दिन बाद भी पुलिस यह नहीं बता पाई है कि कार उसे किसने सौंपी।
अब जानिए किसके हैं ये 4 करोड़ 52 लाख ?
हालांकि IT और पुलिस ने भले ही जब्त पैसों के मालिकों के नाम का खुलासा नहीं किया है, लेकिन भास्कर काे विभागीय सूत्रों ने बताया, कि इनोवा से जब्त 4 करोड़ 52 लाख रुपए राइस मिलर्स, सराफा कारोबारी और हलवाई लाइन के कुछ कारोबारियों के हैं।
बताया जा रहा है कि TI और पुलिस की टीम इन कारोबारियों की कुंडली खंगाल रही है। आने वाले दिनों में आईटी की टीम इन कारोबारियों पर बड़ी कार्रवाई कर सकती है।
रायपुर से हर दिन 30 करोड़ से ज्यादा का हवाला
हवाला कारोबार से जुड़े कुछ कर्मियों ने नाम ना छापने की शर्त पर हवाला कारोबारियों के ठिकाने और उनके काम की जानकारी साझा की है। रायपुर के बड़े और रसूखदार कारोबारी सिंडिकेट बनाकर इस कारोबार को कमीशन पर चला रहे हैं।
रायपुर शहर से हर दिन 30 करोड़ से ज्यादा का हवाला किया जा रहा है। पैसे भेजने के लिए फोर व्हीलर और बाइक के अलावा ट्रेन का इस्तेमाल भी किया जा रहा है। बड़े अमाउंट को नोट के नंबर दिखाकर किया जा रहा है।