भिंड जिले के नेशनल हाईवे-719 पर स्थित लोधी पेट्रोल पंप शनिवार सुबह हेलमेट न पहनने वाले दो युवकों के विवाद के कारण दहला। पंप कर्मचारियों ने बिना हेलमेट पेट्रोल देने से इंकार किया, जिससे युवकों और पंप कर्मचारियों के बीच कहासुनी हो गई। विवाद इतना बढ़ा कि दोनों युवकों ने घर से अवैध कट्टा और लाइसेंसी बंदूक लेकर पंप पर लौटकर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान पंप संचालक तेज नारायण लोधी (55) गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें इलाज के लिए ग्वालियर रेफर किया गया।
घटना के समय पंप पर मौजूद लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भाग गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों की पहचान कर ली है और उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश शुरू कर दी है। डीएसपी दीपक तोमर ने बताया कि आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी और मामले की जांच जारी है।
भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने 30 जुलाई को सभी पेट्रोल पंपों पर हेलमेट अनिवार्यता का आदेश जारी किया था। इंदौर में भी इसी तरह के आदेश के तहत दोपहिया वाहन चालकों को बिना हेलमेट पेट्रोल नहीं दिया जा रहा है। पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा कि पंप संचालक नियम का पालन कर रहे थे, लेकिन लगातार झगड़े और हमले के कारण अब सुरक्षा की कमी महसूस हो रही है।
इस घटना ने यह साफ कर दिया कि नियम का पालन कराने के लिए सुरक्षा उपाय भी उतने ही जरूरी हैं जितना कि नियम खुद। प्रशासन को पेट्रोल पंप संचालकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने होंगे, नहीं तो नियमों का पालन मुश्किल हो जाएगा।
स्थानीय लोग भी पंप पर हुए हमले से स्तब्ध हैं और पुलिस से आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। इस घटना से यह भी पता चलता है कि हेलमेट जैसे सुरक्षा नियमों का उल्लंघन मामूली विवाद को भी गंभीर स्थिति में बदल सकता है।
भिंड की यह घटना प्रशासन और जनता के लिए चेतावनी है कि सुरक्षा उपायों के बिना नियमों का पालन कराना खतरनाक हो सकता है। पेट्रोल पंप संचालक अब नियमों का पालन करने में असमर्थ हो सकते हैं यदि उन्हें सुरक्षा नहीं दी गई।