लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पर चर्चा के दौरान जोरदार बहस देखने को मिली. कांग्रेस, समाजवादी पार्टी समेत तमाम विपक्षी दलों के सांसदों ने खुलकर इस बिल का विरोध किया और इसे संविधान के खिलाफ बताया. यूपी के सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने बिल पर चर्चा के दौरान कहा कि सरकार मुस्लिमों को सौगात-ए-मोदी में अगर कुछ देना चाहती है तो यह बिल हमें दे दे.
बोर्ड में गैर मुस्लिम सदस्यों का विरोध
इमरान मसूद ने कहा कि बाबा साहब ने संविधान में हमारे अधिकारों की रक्षा करने का काम किया. वक्फ बिल लाकर सरकार ये अधिकार छीन रही है. उन्होंने कहा कि जिन्होंने इसे ड्राफ्ट किया, उन्हें इसकी जानकारी नहीं है, कमेटी में एक भी मुस्लिम स्कॉलर नहीं है. उन्होंने कहा कि अलग-अलग राज्यों के बोर्ड की ओर से सच्चर कमेटी के सामने यह बताया गया कि ऐसी कितनी संपत्तियां हैं जिनपर सरकार ने कब्जा किया हुआ है. ये कानून लागू होने के बाद इन पर से वक्फ का दावा खत्म हो जाएगा. यूपी में 14 हजार में से 11500 एकड़ लैंड को सरकारी घोषित कर दिया गया है जिनमें मस्जिद, इमामबाड़ा, कब्रिस्तान हैं.
कांग्रेस सांसद ने कहा कि वक्फ बोर्ड में 22 में से 10 मुसलमान होंगे, सही है लेकिन 12 सदस्य गैर मुस्लिम हो जाएंगे. पूरा बहुमत गैर मुस्लिमों का हो जाएगा. उन्होंने कहा कि दूसरे धर्म के ट्रस्ट में गैर धर्म के लोगों को शामिल होने की अनुमति देंगे या नहीं देंगे. काशी विश्वनाथ ट्रस्ट का अध्यक्ष जिलाधिकारी पदेन है लेकिन लिखा है कि गैर हिंदू होगा तो उसके नीचे का अधिकारी ट्रस्ट का अध्यक्ष होगा.
प्रॉपर्टी पर मुकदमों का रास्ता खोल
उन्होंने कहा कि इस बिल के जरिए सरकार ने वक्फ प्रॉपर्टी पर मुकदमों के लिए रास्ता खोल दिया. आपने जो कब्जा करने वाले लोग हैं, उसे गैर जमानती से जमानती कर दिया. एक संस्था बता दीजिए जो धार्मिक हो और लिमिटेशन एक्ट न हो. हमारे ऊपर से हटा रहे हैं. आपकी नजर सबकी जमीन और पैसों पर है. उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से संविधान विरोधी बिल है. अनुच्छेद 14, 16 और 25 का उल्लंघन करने का काम करता है. इमरान ने कहा कि अभी हमें सौगात-ए-मोदी मिली. हमें सौगात-ए-मोदी में शिक्षा, रोजगार दे दीजिए. सौगात-ए-मोदी में ये कानून दे दीजिए. ये जो गोलियां सीने पर लगती हैं, इन्हें बंद करा दीजिए.
संसद परिसर में बिल पर प्रतिक्रिया देते हुए इमरान मसूद ने कहा कि किसी प्रॉपर्टी को वक्फ के दायरे में इसलिए लाया जाता है ताकि उससे होने वाली आमदनी गरीबों और बेसहारा लोगों के काम आ सके. लेकिन सरकार बिल के जरिए इस लूटने जा रही है. उन्होंने कहा कि यूपी में 78 फीसदी प्रॉपर्टी को इस बिल के जरिए विवादित कर दिया गया और जब तक उस पर विवाद चलेगा तब तक उसपर सरकार का हक होगा. विवाद कब सुलझेगा इसकी कोई समयसीमा नहीं है.
‘मुझे राम मंदिर ट्रस्ट में शामिल करो’
कांग्रेस सांसद ने कहा कि वक्फ बोर्ड के 22 सदस्यों में से 12 से अधिक गैर मुस्लिम होंगे, उन्हें वक्फ के बारे में क्या पता होगा. अगर किसी व्यक्ति ने अपनी आखिरी सांस के दौरान दो आदमी की मौजूदगी में किसी संपत्ति को वक्फ को दिया तो वह मानी नहीं जाएगी, क्योंकि सरकार अब इस बिल के जरिए सिर्फ लिखित वक्फ को मान्यता दे रही है. बोर्ड गैर मुस्लिम सदस्यों के फैसले पर आपत्ति जताते हुए इमरान मसूद ने कहा कि मैं भी रामजी का वंशज हूं, मुझे राम मंदिर ट्रस्ट में शामिल करो. उन्होंने कहा कि कोई कह दे कि मैं रामजी का वंशज नहीं हूं, मैं तो इस बात को साबित करने के लिए भी तैयार हूं.