अनिरुद्ध दास हत्याकांड में बड़ा खुलासा : भाभी से प्रेम संबंध को लेकर देवर ने साथियों के साथ मिलकर क्रूरता पूर्वक किया था मर्डर

जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में एक युवक की नृशंस हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने मामले में सनसनीखेज खुलासा किया है। करीब चार महीने की गहन जांच के बाद, पुलिस ने इस हत्याकांड में शामिल सभी 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह हत्या अवैध संबंधों की वजह से की गई थी। शव को ठिकाने लगाने के लिए आरोपियों ने बहुत ही शातिर और क्रूर तरीके अपनाए।

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यह पूरा मामला जशपुर जिले के कांसाबेल थाना क्षेत्र का है। जहां पुलिस ने एक ऐसी हत्या का खुलासा किया है, जिसने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। मृतक का नाम अनिरुद्ध दास उम्र 40 साल थी। अनिरुद्ध सरगुजा जिले के लिचिरमा गाँव का रहने वाला था। पिछले साल 20 नवंबर 2024 को अपने घर से रघुनाथपुर कहकर निकला था, लेकिन कभी वापस नहीं लौटा। परिजनों ने गुमसुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई लेकिन चार महीने तक उसका कोई सुराग नहीं मिला, लेकिन जशपुर पुलिस ने हार नहीं मानी।

पुलिस इस मामले में लागातार छानबीन कर रही थी। इस दौरान कांसाबेल थाना क्षेत्र के बेलटोली और अम्बाकछार के जंगल में मानव हड्डियों के कुछ अवशेष मिले। इन अवशेषों ने इस हत्याकांड का राज खोला। जिसके बाद यह पता चला कि अनिरुद्ध की हत्या अवैध संबंधों के चलते की गई थी। बता दें कि, मुख्य आरोपी श्याम पैंकरा के परिवार की एक महिला के साथ मृतक अनिरुद्ध के प्रेम संबंध थे, जिससे आरोपी श्याम पैंकरा नाराज था। यानी अनिरुद्ध की प्रेमिका के पति नाराज थे। इसीलिए उसने अपने साथियों के साथ मिलकर इस हत्या की साजिश रची थी।

ऐसी थी हत्याकांड की मास्टर प्लानिंग

 

20 नवंबर 2024 की रात मृतक अनिरुद्ध के लिए इस दुनिया में आखिरी रात थ। जब वह रात करीब 8 बजे, कांसाबेल के मुडाटोली में अपनी प्रेमिका से मिलने आया। तभी श्याम पैंकरा, प्रदीप उर्फ पीलू, कुंदन पैंकरा और गोलू राज ने उसे पकड़ लिया। पहले उसे गांव वालों के सामने पंप चोर कहकर बहाना बनाया और फिर उसे गांव के सड़क से दूर लेजाकर लाठी डंडे और पत्थरों पीट पीटकर उसकी बड़ी बेरहमी से हत्या कर दी गई। हत्या के बाद उसके शव को कुल्हाड़ी से काटकर सिर और धड़ को अलग कर दिया। जिसके बाद धड़ को जंगल में लेजाकर जला दिया और सिर को दूसरी जगह गड्ढा खोदकर गाड़ दिया। कुछ दिन बाद श्याम पैंकरा ने धड़ को जलाए हुए स्थान पर जाकर देखा तो वहां मृतक के चप्पल और हड्डियों के अवशेष नजर आ रहे थे जिसे वह बोरे में भरकर अपने घर ले आया और अपने घर की बाड़ी में जलाने का प्रयास किया, हड्डियों के नहीं जलने पर उसे नाले में लेजाकर बहा दिया और फिर सिर को भी गड्ढे से निकालकर जलाने की कोशिश की लेकिन हड्डियों के नहीं जलने पर उसे बेलाघाट के जंगल में लेजाकर पहाड़ी से फेंक दिया।

शव जलाकर गढ्ढे में दफनाया

मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस ने मामले में स्कार्पियो वाहन, कुल्हाड़ी, फावड़ा, रस्सी, तिरपाल और मृतक के जले हुए जूते जैसे कई सबूत जप्त किए हैं। आरोपियों ने शव को ठिकाने लगाने के लिए कई बार कोशिश की। पहले शव को जंगल में जलाया, फिर हड्डियों को गड्ढे में दफनाया, और बाद में नाले में बहाने की कोशिश की। लेकिन पुलिस की सक्रियता और लगातार दबाव ने आखिरकार मुख्य आरोपी समेत 4 अन्य आरोपियों को भी पकड़ ही लिया। इस पूरे मामले में मुख्य आरोपी श्याम पैंकरा ने हत्या की बात स्वीकार कर ली है।

जशपुर पुलिस की बहादुरी

जशपुर के एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया कि इस मामले में पांचों आरोपी – श्याम पैंकरा, प्रदीप उर्फ पीलू, कुंदन पैंकरा, गोलू राज पैंकरा और दिलबंधु साय को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस मामले में पुलिस के द्वारा मृतक का डीएनए टेस्ट भी कराया जा रहा है। पुलिस की सायबर और फॉरेंसिक टीम ने युद्धस्तर पर काम करते हुए इस केस को सुलझाया। पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा ने इस उपलब्धि के लिए टीम को नकद पुरस्कार से सम्मानित भी किया है। बहरहाल यह मामला वाकई बेहद चौंकाने वाला है। जहां अवैध संबंध की वजह से एक और युवक की जान चली गई है, वो भी ऐसी मास्टर प्लानिंग के साथ। यह हत्याकांड न सिर्फ क्रूरता की मिसाल है, बल्कि यह भी दिखाता है कि जशपुर पुलिस ने कितनी मेहनत और प्रोफेशनल तरीके से इस मामले को सुलझाया।

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