महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने शनिवार को मराठी भाषा को लेकर कार्यकर्ताओं को आंदोलन बंद करने का आदेश दिया है. उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं के नाम एक पत्र जारी कर यह निर्देश दिया है. इसमें उन्होंने पार्टी के कार्यकर्ताओं को महाराष्ट्र में मराठी के मुद्दे पर मजबूत आवाज उठाने के लिए बधाई भी दी है. ठाकरे ने कहा कि अब इस आंदोलन को रोकना ठीक है, क्योंकि हमने इस बारे में पर्याप्त जागरूकता पैदा कर दी है. लेकिन इस मुद्दे पर ध्यान मत भटकने दो.
दरअसल, राज ठाकरे ने महाराष्ट्र में सभी बैंकों में मराठी भाषा में कामकाज अनिवार्य करने को लेकर आंदोलन छेड़ा है. मनसे के कार्यकर्ता मुंबई सहित पूरे महाराष्ट्र भर में उग्र प्रदर्शन कर रहे हैं. उनका कहना है कि महाराष्ट्र में संचालित सभी बैंकों को मराठी भाषा में भी सेवाएं देनी चाहिए. मामला और बढ़ गया जब मराठी न बोलने को लेकर मनसे कार्यकर्ताओ ने कर्मचारी को थप्पड़ जड़ दिए. इस पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि वो मराठी भाषा का सम्मान करते हैं लेकिन किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं है.
‘मराठी लोगों को कोई भी हल्के में नहीं ले सकता’
राज ठाकरे ने अपने पत्र में लिखा, ‘गुड़ी पड़वा के अवसर पर मैंने आपको आदेश दिया था कि आप जांच करें कि महाराष्ट्र के बैंकों में मराठी में लेनदेन हो रहा है या नहीं, यदि नहीं तो बैंक प्रशासन को इसकी जानकारी दें. अगले दिन से आप पूरे महाराष्ट्र के बैंकों में गए और वहां मराठी पर जोर दिया, जो बहुत अच्छा था. इससे न केवल यह संदेश गया कि मराठी भाषा और मराठी लोगों को कोई भी हल्के में नहीं ले सकता, बल्कि इससे पार्टी की संगठनात्मक ताकत भी सामने आई, जो हर जगह मौजूद है.’
उन्होंने कहा कि लेकिन अब इस आंदोलन को रोकने का कोई मतलब नहीं है, क्योंकि हमने इन मुद्दों पर पर्याप्त जागरूकता पैदा कर दी है, और यह झलक भी दिखा दी है कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो क्या हो सकता है. अब मराठी लोगों को खुद ही जोर देना चाहिए, और अगर हमारे मराठी समाज को ही ठेस पहुंची है, तो फिर हमें ये विरोध प्रदर्शन क्यों करने चाहिए? और सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सरकार की है. वे रिजर्व बैंक के नियमों को जानते हैं और अब उन नियमों को लागू करना सरकार की जिम्मेदारी है.
‘…फिर हम कानून अपने हाथ में नहीं लेंगे.’
राज ठाकरे ने कहा कि, ‘कल राज्य के मुख्यमंत्री ने कहा कि हम किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं देंगे. हम भी ऐसा नहीं चाहते, लेकिन चूंकि आप कानून के संरक्षक हैं, तो क्या रिजर्व बैंक के नियमों को लागू कराना आपका काम नहीं है? आपको बैंकों और अन्य प्रतिष्ठानों में मराठी का सम्मान स्थापित करना चाहिए, फिर हम निश्चित रूप से कानून अपने हाथ में नहीं लेंगे.’ उन्होंने कहा, ‘महाराष्ट्र के सैनिकों, अभी के लिए आंदोलन बंद करो, लेकिन इस मुद्दे पर ध्यान मत भटकने दो. सरकार को नियमों का पालन करवाना चाहिए.’