कलेक्टर रोहित व्यास की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आईआईटी बॉम्बे के सितारा प्रयोग के समन्वय से जिले के आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिनों और स्वास्थ्य कर्मचारियों को छोटे बच्चों को किस प्रकार दूध पिलाया जाए इसके लिए गर्भवती माताओं को गोद दिया गया है.
कलेक्टर ने स्वास्थ विभाग और महिला बाल विकास विभाग के अधिकारियों और निगरानी टीम की समीक्षा की. जिसमें स्टाफ नर्स और एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को छोटे बच्चों और गर्भवती माताओं को गोद दिया गया है और लक्ष्य निर्धारित किया गया. समीक्षा के दौरान दिए गए लक्ष्य को पूरा नहीं करने पर कलेक्टर ने गहरी नाराजगी व्यक्त कि और ऐसे स्टाफ नर्स, एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि इसमें किसी भी तरह की लापरवाही नहीं चलेगी गोद दिए गए लक्ष्य को पूरा करना अनिवार्य है.
उल्लेखनीय है कि आई.आई.टी. बॉम्बे के द्वारा उपलब्ध कराए गए वीडियो के माध्यम से गर्भवती माताओं और शिशुवती माताओं को छोटे बच्चों दूध पिलाने की विधि बताई गई. साथ ही कुपोषित बच्चों को सुपोषित करने के लिए पौष्टिक आहार, कंगारू थेरेपी, उच्च जोखिम गर्भवती माताओं की देख-भाल कैसे किया जाना है इसकी भी जानकारी दी गई. इस अवसर पर महिला बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी अजय शर्मा और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारीगण उपस्थित थे.