जिले में जल एवं भूमि संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए शनिवार को घोलेंग ग्राम पंचायत में जल जागृति शिविर का आयोजन किया गया. इस शिविर में ग्रामीणों को जल संरक्षण के महत्व को उजागर करते हुए उनके संरक्षण एवं संवर्धन के महत्व को बताया गया. जल स्त्रोतों के साथ साथ पानी के स्त्रोतों के रिचार्ज करने वाली नालों, जल वितरिकाओं, तालाबों, झिरिया, नालिकाओं को स्वच्छ रखने का संदेश दिया गया.
इस अवसर पर भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय द्वारा वाटर हीरो के रूप में सम्मानित जल प्रहरी नीरज वानखेड़े द्वारा चेन्नई का उदाहरण देते हुए बताया कि समुद्र के निकट होने के बाद भी वहां भीषण जल संकट उत्पन्न हुआ और लोग टैंकरों से पानी भर कर पीने को मजबूर हो गए थे. लोग अपने लाभ के लिए जंगलों में आग लगाते हैं जो पेड़ों और छोटे पौधों को नुकसान कर जल चक्र को नुकसान पहुंचाते हैं. उन्होंने खेल खेल में विभिन्न नवाचारी एवं मनोरंजक तरीकों से भूमि एवं जल संचयन के तरीकों से ग्रामीणों को अवगत कराया. उन्होंने लाइव मॉडल के माध्यम से जल संरक्षण की आवश्यकता को प्रदर्शित किया. उन्होंने सोख़्ता गड्डा, बोर रिचार्ज, वाटर हार्वेस्टिंग, डिप सीसीटी, गेबियन स्ट्रक्चर, एलबीएस, ड्रिप सिंचाई, मेढ़ बंधान आदि निर्माण की वैज्ञानिक विधि और जल उपयोग के तरीकों की भी ग्रामीणों को जानकारी दी.
इस दौरान घोलेंग के सरपंच विनय तिर्की ने अपने घर में रैन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का निर्माण कर लोगों को इसके लिए प्रेरित किया. इसका प्रदर्शन ग्राम वासियों को करते हुए उन्हें इसके निर्माण के तरीकों की जानकारी दी गयी. इस अवसर पर नीरज वानखेड़े ने कहा कि हमने पूरे जल का उपभोग किया और संरक्षण पर विचार नहीं किया तो आने वाली पीढ़ियों के लिए जल उपलब्ध नहीं रहेगा और वे हमसे सवाल करेंगी और उन्हें आज जिस प्रकार पेट्रोल पंपों से पेट्रोल बिका करते हैं उसी प्रकार लाइनों में लग कर पानी खरीदना पड़ेगा. हम सभी को अपने आने वाली पीढ़ियों के लिए जल का संरक्षण एवं सोच समझ कर प्रयोग करना चाहिए.
इस कार्यक्रम में जनपद अध्यक्ष गंगाराम भगत, जनपद सदस्य आमा तिर्की, संजय लकड़ा, सरपंच विनय तिर्की, प्रतिमा बड़ा, अनिमा एक्का, अशोक एक्का, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत प्रदीप राठिया, कृषि विभाग उप संचालक एमआर भगत, ईई डब्लूआरडी विनोद भगत, सीईओ जनपद पंचायत लोकहित भगत सहित बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे एवं ग्रामीण कार्यक्रम में शामिल होंगे.
उल्लेखनीय है कि जल शक्ति मंत्रालय द्वारा चलाये जा रहे जल शक्ति अभियान के कैच द रैन पहल के अंतर्गत ‘जल जागृति जशपुर’ अभियान प्रारम्भ किया गया है. जल जागृति जशपुर अभियान के तहत एक माह तक 30 जल संकट के संभावित ग्रामों में जाकर सभी स्कूल, कॉलेजों एवं ग्रामीण संस्थाओं में जागरूकता हेतु जल जागृति शिविरों का आयोजन किया जाएगा. जिसमें गांव-गांव में जाकर जल एवं भूमि संरक्षण तथा संवर्धन के प्रति जागरूकता लाने के साथ साथ नदी, नालों, जल वितरिकाओं, जल संभरण करने वाली अवनालिकाओं एवं जल स्त्रोतों के आस पास जन सहयोग से श्रमदान द्वारा सफाई की जाएगी.