कैलाश विजयवर्गीय का दावा: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप हमारे फूफा, भारत का युवा बदल सकता है खेल

इंदौर में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने शुक्रवार को एक प्राइवेट स्कूल में आयोजित युवा संसद कार्यक्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि ट्रंप हमारे फूफा हैं और टैरिफ लगाकर धमकाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन यदि भारत का युवा ठान ले तो अमेरिका की नाक में दम हो जाएगा।

विजयवर्गीय ने युवाओं से अपील की कि वे अपनी सोच और आदतों में बदलाव लाएं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि क्यों पिज्जा हट, सबवे और स्टारबक्स जैसी विदेशी चीजें खाएं, जब देश में स्थानीय विकल्प उपलब्ध हैं। उन्होंने युवाओं को स्वदेशी खाने और स्वदेशी अपनाने की सलाह दी, ताकि देश आत्मनिर्भर बन सके और विश्व स्तर पर अपनी ताकत दिखा सके।

मंत्री ने यह भी बताया कि देश में युवा शक्ति इतनी है कि यदि उसका सही उपयोग किया जाए तो किसी भी विदेशी दबाव को चुनौती दी जा सकती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत का युवा स्वावलंबी होकर देश की इज्जत और आर्थिक शक्ति दोनों को बढ़ा सकता है।

वहीं, कांग्रेस ने इंदौर में अमेरिकी कंपनियों के लगभग 60 आउटलेट्स के लाइसेंस निरस्त करने की मांग उठाई है। इसमें केएफसी, मैकडोनाल्ड्स, पिज्जा हट, बर्गर किंग, डोमिनोज और स्टारबक्स जैसे ब्रांड शामिल हैं। जिला कांग्रेस सेवादल के कार्यवाहक अध्यक्ष विवेक खंडेलवाल और सूचना अधिकार प्रकोष्ठ के अध्यक्ष गिरीश जोशी ने कहा कि यदि अमेरिका भारत विरोधी आर्थिक नीतियां अपनाता है, तो इसके विरोध में स्थानीय स्तर पर ठोस कदम उठाना जरूरी है।

विजयवर्गीय ने अपने भाषण में युवाओं को यह संदेश भी दिया कि स्वदेशी अपनाने से न केवल देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि विदेशी दबाव से लड़ने की क्षमता भी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि युवा सोच और चुनाव में बदलाव लाकर देश को विश्व मंच पर मजबूत कर सकते हैं।

इस कार्यक्रम के दौरान उन्होंने युवाओं को प्रेरित किया कि वे स्वदेशी उत्पाद अपनाएं, विदेशी पर निर्भरता कम करें और देश की आर्थिक और सामाजिक ताकत बढ़ाने में योगदान दें। इस तरह मंत्री ने युवा शक्ति और स्वदेशी भावना को जोड़कर राष्ट्रवाद का संदेश दिया।

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