खैरथल: के जवान का हिसार में निधन हो गया. शुक्रवार को जवान की पार्थिव देह पैतृक गांव किशनगढ़बास के मांचा गांव पहुंची. पार्थिव देह पहुंचते ही क्षेत्र के लोग उमड़ पड़े. अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भीड़ जुट गई. पिता के शव को देखते ही 8 साल का बेटा फफक-फफक कर रो पड़ा.
कस्बे में अंतिम दर्शन और तिरंगा यात्रा को लेकर बड़ी संख्या में लोग जुटे. घर से श्मशान घाट तक करीब डेढ़ किमी की तिरंगा यात्रा निकाली गई. तिरंगा यात्रा में जनप्रतिनिधि और लोग शामिल हुए.
किशनगढ़बास विधायक दीपचंद खैरिया भी अंतिम संस्कार में पहुंचे. उन्होंने पार्थिव देह को पुष्पचक्र भेंट कर श्रद्धांजलि दी.
दरअसल, मांचा निवासी ईश्वर प्रसाद (36) पुत्र रामनिवास हरियाणा के हिसार स्थित 294 आर्म्ड वर्कशॉप बटालियन में तैनात थे. 7 अगस्त को ईश्वर प्रसाद बाइक पर ड्यूटी से अपने क्वार्टर लौट रहे थे. इस दौरान नीलगाय से बाइक की टक्कर हो गई। हादसे में ईश्वर प्रसाद गंभीर रूप से घायल हो गए. जिनका दिल्ली के आर्मी हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था। इलाज के दौरान बुधवार रात को 10 बजे जवान की मौत हो गई.
जवान के पार्थिव शरीर को शुक्रवार को पैतृक गांव मांचा लाया गया. जैसे ही पार्थिव देह तिरंगे में लिपटे हुए गांव में पहुंची, क्षेत्र के लोग उमड़ पड़े. अंतिम दर्शन के लिए जनसैलाब उमड़ आया और “ईश्वर प्रसाद अमर रहें” के नारों से गांव गूंज उठा. हर किसी की आंखें नम थीं.
गांव के बुजुर्गों ने बताया कि ईश्वर प्रसाद बचपन से ही मिलनसार व शांत स्वभाव के थे. पढ़ाई पूरी करने के बाद सेना ज्वाइन की थी और हमेशा देश सेवा को ही प्राथमिकता दी. साथी जवानों ने भी उन्हें मेहनती और ईमानदार बताया.
ईश्वर प्रसाद का विवाह 2015 में हुआ था. परिवार में उनकी पत्नी बिंदिया (34), 8 साल का बेटा रजत और 6 साल की बेटी रितु है. पिता रामनिवास भी पूर्व सैनिक है और माता सरला देवी गृहिणी है. ईश्वर प्रसाद के परिवार के मुखिया के निधन से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है.