खंडवा: खंडवा के भामगढ़ गांव में शुक्रवार देर रात 500 साल पुरानी राम दरबार मंदिर में आग लग गई. इस आग की चपेट में आने से मंदिर का ढांचा गिर गया और वहां विराजित राम दरबार की ऐतिहासिक मूर्तियां जलकर खाक हो गईं. मंदिर को राजपरिवार ने बनवाया था.
पुजारी सेतु पांडेय के अनुसार, पड़ोसियों ने रात करीब डेढ़ बजे उन्हें नींद से जगाया और बताया कि मंदिर में भीषण लपटें उठ रही हैं. आग बुझाने के लिए पूरा गांव जुट गया, लेकिन मंदिर का अधिकांश हिस्सा लकड़ी से बना होने के कारण आग तेजी से फैल गई.
जावर टीआई गंगाप्रसाद वर्मा ने बताया कि आग की सूचना मिलते ही खंडवा और हरसूद से फायर ब्रिगेड बुलाई गई. प्रारंभिक जांच में सामने आया कि दीये की लौ से आग लगी थी, जो पूरी इमारत में फैल गई। राजस्व विभाग की टीम अब नुकसान का आकलन कर रही है और आगजनी का मामला दर्ज किया जाएगा.
ग्रामीणों ने बताया कि मंदिर के आसपास अतिक्रमण और गंदगी फैलाने को लेकर विवाद होते रहते हैं, खासकर मुस्लिम आबादी के साथ मंत्री विजय शाह ने मंदिर का निरीक्षण किया और मामले की सभी पहलुओं पर जांच करने का आश्वासन दिया.
पुजारी पांडेय ने कहा कि मंदिर से लगे गांव में बड़ी आपदा टल गई. आग पर काबू पाने के लिए कई प्रयास किए गए और कई फायर ब्रिगेड की मदद ली गई. प्रोफेसर डॉ. दीपमाला रावत ने इस घटना को दुखद बताया और कहा कि यह मंदिर निमाड़ क्षेत्र का गौरवशाली इतिहास था, जहां भगवान राम की मूंछ वाली मूर्ति थी, जिसे सालों पहले भामगढ़ के राजा ने स्थापित किया था.