लखीमपुर खीरी: होली से दो दिन पहले मितौली थाने के ग्राम पचदेवरा निवासी सुधीर की मौत की गुत्थी सुलझ गई है, सुधीर की मौत हादसे में नहीं हुई थी, प्रधान के पुत्र ने उसकी हत्या कराई थी, मृतक के मोबाइल में मिली रिकॉर्डिंग ने शक पैदा किया तो पुलिस ने जांच की, मामला गांव में कराए गए कार्यों में घपले की शिकायत का निकला, पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.
बीते 11 मार्च को थाना मितौली के ग्राम पचदेवरा निवासी सुधीर कुमार वर्मा किसी काम से अपनी मोटर साइकिल से लखीमपुर आया था, काम पूरा होने के बाद वह शाम को घर वापस आ रहा था, इसी दौरान एक ट्रक की चपेट में आने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी.
दुर्घटना में मौत समझकर अंतिम संस्कार किया
सड़क हादसे की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया था. परिजनों ने ट्रक की टक्कर से मौत की बात समझकर शव का अंतिम संस्कार कर दिया था. इधर मौके से बरामद हुए मोबाइल फोन से परिजनों को कुछ रिकॉर्डिंग मिली तो परिजन हैरान रह गए.
फोन रिकॉर्डिंग के आधार पर हुई जाँच
परिजनों ने एक ही इंसान के कई बार फोन करने और लोकेशन पूछने की बात पुलिस को बताई तो सीओ शमशेर बहादुर सिंह ने घटना की जांच शुरू की, सीओ मितौली शमशेर बहादुर सिंह ने बताया कि, कॉल डिटेल और रिकार्डिंग जैसे तथ्यों को आधार बनाते हुए कड़ी से कड़ी जोड़ी गई तो इस घटना का पर्दाफाश हो गया.
जांच में पुलिस ने पाया कि संतोष फोन कर सुधीर की लोकेशन ले रहा है और जानकारी गांव के प्रधान पुत्र जगत नारायण को दे रहा है। जगत नारायण उसी ट्रक के ड्राइवर के संपर्क में था, जिससे सुधीर का हादसा हुआ था.
पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ की तो आरोपियों ने जुर्म कबूल किया, घटना में प्रधान पुत्र जगत नारायण, संतोष, ट्रक चालक सहित एक अन्य के शामिल होने की बात पता चली है, पुलिस ने संतोष को गिरफ्तार करते हुए जेल भेज दिया है.
घपले की शिकायत करता था मृतक सुधीर
पुलिस के अनुसार, मृतक सुधीर और प्रधान पुत्र के बीच विवाद था, मृतक प्रधान के कार्याें की लगातार अधिकारियों से शिकायत कर रहा था. इन्हीं शिकायतों और जांच को लेकर प्रधान पुत्र रंजिश मानता था, माना जा रहा है कि इसी रंजिश के चलते आरोपियों ने एक साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। घटना सड़क हादसे जैसी प्रतीत हो, इसको लेकर काफी दिनों तक मंथन किए जाने की बात भी सामने आई है.
एक दिन पहले हत्या की बनाई थी योजना
पुलिस के सूत्र बताते हैं कि सुधीर की हत्या करने से पहले प्रधान पुत्र सहित अन्य आरोपियों के सीतापुर स्थित प्रधान पुत्र के घर पर बैठक करते हुए साजिश रची थी। आरोपियों ने हर छोटी बात पर चर्चा की, लेकिन इसके बाद भी वह योजना में सफल नहीं हो सके.
सीओ मितौली पहुंचें थें मौके पर
हादसा दुर्घटना जैसा लगे, इसके लिए प्लानिंग के तहत हत्या कराई गई. घटना के समय सबसे पहले मैं ही मौके पर पहुंचा था। मोबाइल की रिकॉर्डिंग ने पूरा राज खोल दिया। एक आरोपी को जेल भेजा जा रहा है। बाकी अन्य की तलाश की जा रही है.