बीते एक अप्रैल को झारखंड के साहिबगंज जिला अंतर्गत बरहेट थाना क्षेत्र के भोगनाडीह NTPC फाटक के पास दो मालगाड़ियों में भीषण टक्कर हुई थी. टक्कर के बाद मालगाड़ी की ईंजन में लगी आग की चपेट में आकर रेलवे के दोनों लोको पायलट की दर्दनाक मौत हो गई थी. दोनों लोको पायलट की पहचान पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद के रहने वाले गंगेश्वर मल और झारखंड के बोकारो जिला के सेक्टर-9 के रहने वाले अंबुज महतो के रूप में की गई थी.
इस दुर्घटना में एक दुखद सहयोग यह था कि अपने रिटायरमेंट से महज कुछ घंटे पहले अपनी अंतिम सेवा यात्रा पर मालगाड़ी लेकर निकले पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जियागंज निवासी लोको पायलट ज्ञानेश्वर मल की दर्दनाक मौत हो गई.
बता दें कि एक अप्रैल को ही मृतक लोको पायलट गंगेश्वर मल रिटायर होने वाले थे. रिटायरमेंट के दिन वह ललमटिया से कोयला लोड कर पश्चिम बंगाल के फरक्का NTPC मालगाड़ी लेकर जा रहे थे. झारखंड के साहिबगंज जिला अंतर्गत बरहट के सोनाजोड़ी के पास लूप लाइन पर पहले से खड़ी एक मालगाड़ी से सीधी टक्कर हो गई.
दोनों मालगाड़ियों के इंजन में लगी आग
इस टक्कर में दोनों मालगाड़ियों का इंजन क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें आग लग गई, जिसकी चपेट में आकर दोनों लोको पायलट की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. लोको पायलट गंगेश्वर मल का परिवार उनके रिटायरमेंट को लेकर प्लानिंग में जुटा था. कुछ सरप्राइज गिफ्ट देने की तैयारी कर रहा था, लेकिन इसी बीच एक खबर ने उनके ऊपर जैसे बिजली गिरा दी.
एक अप्रैल को था रिटायरमेंट
अपनी अंतिम सेवा यात्रा पर निकले गंगेश्वर मल और उनके परिवार के लिए उनके रिटायरमेंट की तिथि एक अप्रैल 2025 किसी मनहूस दिन से कम साबित नहीं हुई. अपने रिटायरमेंट से महजॉ कुछ घंटे पहले ही पश्चिम बंगाल के रहने वाले लोको पायलट गंगेश्वर मल की झारखंड के साहेबगंज में रेल हादसे में दर्दनाक मौत गई. फिलहाल हादसे के बाद से उनका परिवार सदमे में है.