Madhya Pradesh: सिवनी जिला अस्पताल में बुनियादी सुविधाएं हो गईं बीमार, गंदे टॉयलेट और पीने का पानी नहीं, परेशान हो रहे मरीज

सिवनी: एक तरफ पीएम मोदी की स्वच्छ भारत मिशन के तहत हर घर में शौचालय बनाए जा रहे हैं, वहीं, दूसरी और जिले के सरकारी अस्पतालों में बने शौचालयों के खस्ता हाल बने हुए हैं, इलाज कराने आने वाली महिलाओं के परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. मध्य प्रदेश के सिवनी जिला चिकित्सालय में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ पहुंचाने का दावा किया जाता है.

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हालांकि वास्तविकता इससे कहीं ज्यादा उलट है, हॉस्पिटल के मेटरनिटी वार्ड में महिलाओं विशेषकर गर्भवती महिलाओं को शौचालय जैसी बुनियादी सुविधा का अभाव झेलना पड़ रहा है, जिला चिकित्सालय सिवनी में स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी मरीजों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है. अस्पताल में महिलाओं के लिए शौचालय की व्यवस्था अत्यंत दयनीय स्थिति में है, गंदगी और बदइंतजामी के कारण गर्भवती महिलाओं सहित अन्य महिला मरीजों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है.

जिला अस्पताल में बेसिक सुविधाओं का अभाव
अस्पताल परिसर में मौजूद शौचालय गंदगी से भरा हुआ है, यहां तक उसकी नियमित सफाई नहीं की जाती, दिन के समय महिलाएं नगर पालिका के शुलभ शौचालय का उपयोग कर लेती हैं. लेकिन, रात 8:00 बजे बाद यह शौचालय बंद हो जाता है, ऐसे में गर्भवती महिलाओं और अन्य मरीजों को शौचालय की तलाश में इधर-उधर भटकने पर मजबूर होना पड़ता है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ जाती है ,जो उनके स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो सकता है.

अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही
अस्पताल प्रबंधन से इस समस्या के बारे में पूछने पर कोई ठोस समाधान प्रस्तुत करने के बजाय गोलमोल जवाब दिए गए, यह स्थिति मरीजों और उनके परिवारों के लिए निराशाजनक है, मरीजों और उनके परिजनों ने इसे प्रशासनिक लापरवाही बताते हुए जल्द से जल्द समाधान की मांग की है.

प्राइवेट लैब के सहारे ब्लड टेस्ट
इसके अलावा अस्पताल में खून की जांच की मशीनें लंबे समय से खराब पड़ी हैं, डॉक्टर के सजेस्ट किए गए टेस्ट के लिए मरीजों को प्राइवेट पैथोलॉजी लैब का रुख करना पड़ रहा है, निजी लैब मरीजों से मनमानी रकम वसूल रहे हैं, जिससे गरीब और जरूरतमंद मरीज आर्थिक रूप से परेशान हो रहे हैं. सरकार द्वारा मुफ्त स्वास्थ्य सेवाओं का दावा किया जाता है, लेकिन मरीज इन सुविधाओं से वंचित हैं, स्थानीय लोगों और मरीजों ने प्रशासन से अनुरोध किया है कि अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार किया जाए, ताकि मरीजों को बिना किसी असुविधा के सभी सुविधाएं मिल सकें.

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