Madhya Pradesh: संभागीय आयुक्त मनोज खत्री ने सहायक आयुक्त जनजाति कार्य विभाग श्योपुर लालजीराम मीणा को शासकीय कार्यों को निपटाने में विलंब करने सहित अनुशासनहीनता कर लापरवाही एवं उदासीनता बरतने पर मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 के विरूद्ध होकर घोर कदाचार की श्रेणी में मानते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है, निलंबन अवधि में मीणा का मुख्यालय कलेक्टर कार्यालय श्योपुर रहेगा तथा निलंबन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी.
संभागीय आयुक्त मनोज खत्री ने कलेक्टर श्योपुर के प्रतिवेदन पर उक्त कार्रवाई की है, कलेक्टर श्योपुर ने अपने प्रतिवेदन में बताया है कि, अध्यक्ष जिला पंचायत श्योपुर श्रीमती गुड्डीबाई आदिवासी द्वारा सहायक आयुक्त जनजाति कार्य विभाग श्योपुर लालजीराम मीणा के विरूद्ध की गई शिकायत एवं विभिन्न समाचार पत्रों व न्यूज चेनलों के माध्यम से प्राप्त शिकायतों के संबंध में जाँच दल गठित किया गया था, जाँच दल द्वारा संयुक्त जाँच प्रतिवेदन के निष्कर्ष अनुसार सहायक आयुक्त जनजाति कार्य विभाग श्योपुर लालजीराम मीणा द्वारा स्वेच्छाचारिता, वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों का उल्लंघन एवं सरपंच सचिव के कथन के अनुसार शासकीय कार्य को करने में विलंब करने सहित अनुशासनहीनता एवं लापरवाही व उदासीनता बरती गई है.
अतिथि शिक्षकों ने लगाए थे अभद्र व्यवहार और अश्लील गाली सहित पुलिस की धमकी देने के आरोप
दरअसल कलेक्टर अर्पित वर्मा को मध्यप्रदेश शिक्षक संघ द्वारा एक शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें उन्होंने सहायक आयुक्त आदिम जाति कल्याण विभाग के लालजीराम मीणा पर गंभीर आरोप लगाए थे। उनके आरोप थे कि सार्थक एप के नियमों में बदलाव की मांग को लेकर बह एसडीएम के पास गए थे. जिसे एसडीएम ने ध्यानपूर्वक सुना. इसके बाद वह सहायक आयुक्त आदिम जाति कल्याण विभाग के लालजीराम मीणा के पास मुलाकात करने पहुंचे ताकि नवीन कार्यकारिणी के सदस्यों से परिचय करवा सकें. मध्यप्रदेश शिक्षक संघ के पदाधिकारियों का आरोप था कि, बह कुल 8 लोग 5 पुरुष और 3 महिला शिक्षक शामिल थी. जैसे ही उनकी मुलाकात हुई सहायक आयुक्त आदिम जाति कल्याण विभाग के लालजीराम मीणा ने उनके संघ को फर्जी बता दिया और कहा कि सभी संगठन फर्जी होते हैं मुझे किसी भी प्रकार की नेतागिरी पसंद नहीं जो लोग इन संगठनों से जुड़ते हैं वह सभी शिक्षक अधिकारियों के निशाने पर होते हैं, तब हमारे संगठन के अध्यक्ष रामकरण नगर ने कहा कि सर हमारा संगठन मान्यता प्राप्त है फर्जी नहीं है तो सहायक आयुक्त बोले कि आप लोगों को यह पता नहीं है कि, अधिकारियों से कैसे बात करते हैं और तुम मुझसे बहस करते हो. यह कहते हुए हमें बाहर निकालने के लिए कहा जैसे ही हम थोड़ा रुक तो घंटी बजाकर पुलिस को कॉल करने लगे आखिरकार हम सभी शिक्षक अपमानित होकर कार्यालय के बाहर आ गए इसके बाद भी हमें धमकी दी कि मुझे बच के रहना और तभी जुबान में अश्लील गाली भी दी.
पूर्व वन मंत्री को भी शिक्षक संघ ने ज्ञापन देकर शिकायत दर्ज कराई थी।
शिक्षक संघ द्वारा पूर्व वन मंत्री कोई ज्ञापन दिया गया था जिसमें उल्लेख किया गया था कि, शिक्षक संघ का प्रतिनिधि मंडल दिनांक 12/03/25 को सहायक आयुक्त आदिम जाति कल्याण विभाग के लालजीराम मीणा श्री सूजन भेंट करने के लिए उनके कार्यालय पर पहुंचे थे जिसमें तीन महिलाएं और पांच पुरुष शामिल थे उन्होंने अपने कार्यालय से गाली देकर भगा दिया और संगठन को फर्जी बताया और अश्लील गाली भी दी, उसके बाद पूर्व प्रधानमंत्री रामनिवास रावत ने भी शिक्षक संगठन के पदाधिकारी को आश्वासन दिलाया था कि, वह खुद सहायक आयुक्त आदिम जाति कल्याण विभाग के लालजीराम मीणा के खिलाफ डीओ लेटर लिखवाएंगे.
आदिवासी महिला जिला अध्यक्ष और भाजपा जिला अध्यक्ष ने भी कलेक्टर को सीएम के नाम आवेदन दिया था
महिला जिला पंचायत अध्यक्ष आदिवासी सहायक आयुक्त आदिम जाति कल्याण विभाग के लालजीराम मीणा पर गंभीर आरोप लगाए थे उन्होंने कहा कि मैं आदिवासी महिला हूं मैं अपनी भारतीय जनता पार्टी के लिए जनता और कार्यकर्ता के बीच पूर्ण निष्ठा ईमानदारी और सक्रियता के साथ अपने क्षेत्र में कार्य करती हूं मेरा क्षेत्र आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है इसमें सबसे ज्यादा वोटर आदिवासी समाज से है मैं उनके बीच सक्रिय रूप से कार्य कर रही हूं, माननीय मुझे पहले किसी भी प्रकार की कोई परेशानी प्रशासन से नहीं होती थी लेकिन अब वर्तमान में मात्र मंच की शोभा बनकर रह गई हूं अब मेरी कोई सुनवाई नहीं होती है ऐसे कई उदाहरण है मेरे गृह विकासखंड करहल जिसके सभी सरपंच और जनपद अध्यक्ष आदिवासी वर्ग के हैं इस सभी की और स्वयं मेरी द्वारा लालजी राम मीणा सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग जिला शिवपुरी के विरुद्ध शिकायत की जाती है जिस पर तत्कालीन कलेक्टर के द्वारा दिनांक 10/01/2025 को शासन को डी.ओ. लेटर उनके अन्यत्र स्थानांतरण के लिए लिखा जा चुका है जिला पंचायत अध्यक्ष गुड्डी आदिवासी ने बताया कि 27/02/2025 को जिला पंचायत की सामान्य सभा में सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग जिला श्योपुर के विरुद्ध निंदा प्रस्ताव भी पास किया गया है जिस पर भी शासन प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई उन्होंने पत्र में अपनी दुखद मन की बात भी लिखी। उन्होंने अपनी क्षेत्र की जनता के हित के लिए आंदोलन करने की बात आवेदन में भी लिखी थी.
पूर्व में कांग्रेस के विधायक बाबू जड़ेल से भी सहायक आयुक्त आदिम जाति कल्याण विभाग के लालजीराम मीणा का हुआ था आमना सामना
श्योपुर जिले के विधायक बाबू जंडेल और सहायक आयुक्त आदिम जाति कल्याण एलआर मीणा के बीच चले आरोप-प्रत्यारोंपों के बाद विभाग की प्रमुख सचिव दीपाली रस्तोगी ने मीणा को निलंबित कर दिया था, आजाक प्रमुख सचिव दीपाली रस्तोगी द्वारा जारी किए गए आदेश में कहा गया था कि एलआर मीणा सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्येापुर को शासन के नियमों के विरुद्ध शिक्षकों के स्थानांतरण करने संबंधी अनियमितताओं के कारण तत्काल प्रभाव से निलंबित किया था.