‘मझा जवाद येउं बसा तुमी’, जब BSNL के मुद्दे पर मराठी में हुई सिंधिया और अरविंद सावंत में बहस

संसद का शीतकालीन सत्र जारी है. इस दौरान बुधवार को शिवसेना (यूबीटी) सांसद अरविंद सावंत और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच जुबानी जंग देखने को मिली है. दोनों के बीच बीएसएनएल सब्सक्राइबर्स को लेकर तीखी बयानबाजी हुई.

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महाराष्ट्र से कांग्रेस सांसद प्रतिभा धानोरकर के सवाल पर सिंधिया ने मराठी में जवाब दिया. उन्होंने कहा, ‘मैं माननीय सांसद से पूछना चाहता हूं कि जब उनकी सरकार थी तो बीएसएनएल की क्या स्थिति थी? 2019 में पीएम मोदी की सरकार में बीएसएनएल को 3.35 लाख करोड़ रुपये दिए गए. 9 हजार करोड़ के घाटे में चल रही सरकारी कंपनी आज 2 हजार करोड़ के मुनाफे में है.’

बीएसएनएल के सब्सक्राइबर्स की संख्या के सवाल पर सिंधिया ने कहा कि अप्रैल से नवंबर 2024 के बीच 90.7 लाख सब्सक्राइबर्स थे, जबकि पहले इनकी संख्या 8.80 लाख थी. उन्होंने ये भी बताया कि अगले साल मई तक बीएसएनएल का 4जी नेटवर्क पूरा हो जाएगा. इससे पहले जुलाई में मॉनसून सत्र के दौरान सरकार ने बताया था कि बीएसएनएल के 4जी नेटवर्क को पूरा होने में अभी एक साल का वक्त और लगेगा.

बीएसएनएल पर जब चर्चा चल रही थी, तभी अरविंद सावंत भी इस बहस में कूद गए. एमटीएनएल सर्विस पर उन्होंने कहा कि दशकों से इसकी सर्विस मुंबई-दिल्ली में ही है. लेकिन मैं जानना चाहता हूं कि 2014 के बाद से कितने सांसद बीएसएनएल का इस्तेमाल कर रहे हैं? यहां सबके पास जियो है. सांसद बीएसएनएल का इस्तेमाल सिर्फ इसलिए कर रहे हैं, क्योंकि ये मुफ्त है.

इस बीच लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने टोकते हुए कहा, आप चुनौती मत दीजिए. संसद में तो एमटीएनएल और बीएसएनल ही चलता है. सिंधिया ने अरविंद सावंत से मराठी में कहा ‘माझा जवाद येउं बसा तुमी.’ (मेरे बगल में बैठिए). उन्होंने कहा कि बीएसएनएल के 55 हजार कर्मचारी हैं और उनकी जिम्मेदारी हम पर है. सरकार ने 2022 में बीएसएनएल के लिए 1.64 लाख करोड़ रुपये का रिवाइवल पैकेज दिया था, ताकि वो टेलीकॉम मार्केट में मजबूती से खड़ी हो सके.

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