दिल्ली में आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार जा चुकी है, जिसके बाद पंजाब की राजनीति में भी खलबली मच गई है. भारतीय जनता पार्टी के साथ-साथ कांग्रेस भी भगवंत मान की सरकार पर निशाना साधने से नहीं चूक रही है.
कांग्रेस के सीनियर नेता प्रताप सिंह बाजवा ने बयान दिया है कि AAP के 30 विधायक उनके संपर्क में हैं. इस बीच कांग्रेस नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा ने दावा किया है कि पंजाब में भगवंत मान की सरकार जाने वाली है. उन्होंने कहा,’पंजाब में मान की सरकार जाने वाली है, मिड टर्म पोल होने वाले हैं. दो महीने में पूरा खेल सामने आ जाएगा.’
AAP के सामने एक बड़ी चुनौती
कहा जा रहा है कि पंजाब में सियासी हलचल के बीच अपने विधायकों को एकजुट रखना AAP के सामने बड़ी चुनौती बन सकती है. इस बीच दिल्ली के राजौरी गार्डन से चुनाव जीतने वाले BJP नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा,’दिल्ली चुनाव हारने के बाद अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में पंजाब के विधायकों की बैठक बुलाई है. वे भगवंत मान को अयोग्य बताकर उन्हें मुख्यमंत्री पद से हटाने की कोशिश कर रहे हैं.’
‘भगवंत मान को हटाना चाहते हैं’
सिरसा ने आगे कहा,’AAP सरकार ने महिलाओं को एक हजार रुपए देने का वादा पूरा नहीं किया, नशाखोरी पर लगाम नहीं लगाई और पंजाब की स्थिति को और खराब कर दिया. अब वे (अरविंद केजरीवाल) भगवंत मान को हटाना चाहते हैं. अपने विधायकों से कहलवा रहे हैं कि केजरीवाल एक ‘अच्छे आदमी’ हैं और उन्हें मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए.’
बाजवा पर धालीवाल का पलटवार
कांग्रेस और बीजेपी की तरफ से लगातार किए जा रहे हमलों के बीच पंजाब के कैबिनेट मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा,’बाजवा कांग्रेस छोड़ना चाहते होंगे. हमें पता चला था कि दिल्ली चुनाव के समय बाजवा ने अमित शाह से मुलाकात की थी. बाजवा CM बनने के लिए गेम कर रहे होंगे, हमारी पार्टी में तो सबकुछ ठीक चल रहा है. सब अरविंद केजरीवाल के साथ हैं. AAP का कोई भी विधायक किसी दूसरी पार्टी के संपर्क में नहीं है.’
‘खाली हो गया शीशमहल’
पंजाब में जारी हलचल के बीच केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने भी AAP पर निशाना साधा है. बिट्टू ने कहा,’दिल्ली के बाद अब पंजाब की बारी है. केजरीवाल के साथ-साथ सिसोदिया और आतिशी का शीशमहल खाली हो गया है. अब भगवंत मान की बारी है. दिल्ली की जिस-जिस विधानसभा में भगवंत मान गए हैं, वहां पर (AAP की) सफाई हो गई है. अब भगवंत मान को चंडीगढ़ में अपना सामान बांधना शुरू कर देना चाहिए. जो तैयारी अमन अरोड़ा कर रहे हैं. उन्होंने कहा था कि अब यहां पर मुझे मौका देना चाहिए. साल 2027 आते-आते इनके (AAP) कई मुख्यमंत्री बदले जाएंगे.’