बहराइच : जिले के तहसील मोतीपुर मिहीपुरवा क्षेत्र अंतर्गत कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग के ककरहा रेंज के जंगल में आग लग गई. वनकर्मियों ने ग्रामीणों के सहयोग से कड़ी मशक्कत कर तीन घंटे बाद आग पर काबू पाया. इस दौरान जंगल के पांच वर्ग किलोमीटर दायरे में जंगली वनस्पतियां और जड़ी बूटी के पेड़ जल गए.
कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग के ककरहा रेंज के हसुलिया बीट में बुद्धवार को दोपहर में अज्ञात कारणों से आग लग गई. आग लगने से जंगल की वनस्पतियां और छोटे पेड़ जलने लगे तेज हवा के चलने से आग का दायरा फैलते हुए मोतीपुर वन रेंज के खड़िया बीट तक पहुंच गया.
खड़िया गांव के ग्रामीणों ने जंगल में लगी आग को देखा व वन विभाग को सूचना दी. वन विभाग की टीम और ग्रामीणों ने मिलकर मौके पर पहुंचे.सभी ने पेड़ की झाड़ियां से आग बुझाने का प्रयास किया. लगभग दो घंटे बाद आग पर काबू पाया जा सका. इस दौरान जंगली वनस्पतियों और जड़ी बूटी के पेड़ जलकर राख हो गए.
इस तरह जंगल में लग रही आग से जंगल के पारिस्थितिकी तंत्र पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है. क्षेत्रीय वन अधिकारी ककरहा धर्मेन्द्र कनौजिया ने कहा कि हसुलिया बीट के भिउरावीर क्षेत्र में अज्ञात कारण से आग लग गई थी. दोपहर में तेज हवा चलने से आज का दायरा बढ़कर मोतीपुर रेंज के खड़िया बीट तक पहुंच गया था.
वन विभाग की टीम और ग्रामीणों के सहयोग से आज पर काबू पाया गया व आग बुझ गई.खड़िया निवासी अनिल मौर्य ने बताया की वन क्षेत्र में ऐसे ही आग लग जाती है. अगर ग्रामीण सतर्क न हो तो वन क्षेत्र की आग वन क्षेत्र से लगे उनके खेतों के फसलों को नुकसान कर देता है. यह आग दिन में लगी थी तो ग्रामीणों ने देख लिया यदि रात में लगी होती तो समूल फसल नष्ट हो जाती.