इंदौर में 14 वर्षीय मंदबुद्धि किशोरी के साथ रेप करने वाले आरोपी को जिला कोर्ट ने 20-20 साल के कठोर कारावास सहित अन्य धाराओं में कुल 62 साल के कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी नाबालिग की सहेली का पिता है। केस में प्रत्यक्षदर्शी एक युवक के बयान सबसे अहम रहे जिसने घटनाक्रम बताया। कोर्ट ने फैसले में टिप्पणी की है कि ऐसे अपराधी किशोरी के साथ इस तरह का कृत्य करता है वह उसके मौलिक अधिकार का हनन करता है। कोर्ट ने पीड़िता को 2 लाख रुपए की सहायता दिलवाने जाने की भी अनुशंसा की है।
फोन आया- बेटी अकेली खड़ी है, जल्दी आ जाओ
घटना 2 जनवरी 2023 को खुडै़ल थाना क्षेत्र में हुई थी। पीड़िता की मां ने रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि वह मजदूरी करती है। परिवार में पति, दो बेटियां और एक बेटा है। पीड़िता उसकी सबसे बड़ी 14 वर्षीय बेटी है जो 9वीं की पढाई कर रही है। वह मंदबुद्धि है। घटना वाले दिन वह सुबह 9.30 बजे रोजाना की तरह घर से अपने स्कूल के लिए निकली थी। इस दौरान पति गांव गए थे। सुबह 10.30 बजे पति के मोबाइल पर उनके परिचित व्यक्ति का फोन आया। उसने बताया कि उनकी बेटी तिंछा फाल जंगल में अकेली है। जल्दी यहां आ जाओ। इस दौरान उसके पति ने परिचित व्यक्ति के फोन से उसकी बेटी से बात की तो वह बहुत रो रही थी।
इसके बाद दंपती तिंछाफाल के पास जंगल में पहुंचे। वहां उनका परिचित व्यक्ति और एक अन्य युवक था। पीड़िता ने रोते हुए बताया कि वह घर से स्कूल जाने के लिए निकली थी, तभी रास्ते में उसकी सहेली के पिता मिले। वे उसे स्कूल छोड़ने का बोलकर गाड़ी पर बैठाकर तिंछाफाल के जंगल में लेकर गए और और उसके साथ गलत काम किया। वह चिल्लाई तो उसे थप्पड़ मारे और उसका मुंह दबा दिया। उसकी आवाज सुन वहां से गुजर रहे अंकल (पिता के परिचित) ने शोर मचाया तो सहेली का पिता भाग गया।
मामले में पुलिस ने पीड़िता की मां की रिपोर्ट पर 36 वर्षीय आरोपी के खिलाफ भादंवि की धारा 363, 366, 376, 376(3), 376(2) (के), 323 एवं लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 5 सहपठित 6 के तहत केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया। साथ ही पीड़िता का मेडिकल करवाया और चालान पेश किया।
ऐसा रहा कोर्ट का सख्त रुख
1 अप्रैल 2025 को कोर्ट ने आरोपी को दोषी पाया। केस में पैरवी प्रभारी जिला लोक अभियोजन अधिकारी संजय मीणा और विशेष लोक अभियोजक अमिता जायसवाल ने की। उन्होंने बताया कि कोर्ट ने आरोपी को धारा 376(3) भादंसं व धारा 5(के) सहपठित 6 पॉक्सो एक्ट में 20-20 वर्ष का सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। दोषी को 376(2)(एल) की धारा में 10 वर्ष का सश्रम कारावास और धारा 366 व 363 में 7 वर्ष और 5 वर्ष का सश्रम कारावास से दंडित किया।
ये फैक्ट्स बने सजा के आधार
घटना के दौरान वहां से गुजर रहे युवक के बयान पूरे केस में सबसे मजबूत रहे।
पीड़िता के बयान और उसकी मेडिकल रिपोर्ट भी रही खास आधार।
पीड़िता के माता-पिता और जांच अधिकारी के बयान भी रहे अहम।
आरोपी की बाइक और उसकी मेडिकल रिपोर्ट भी मजबूत भौतिक साक्ष्य रहे।
इसके साथ ही परिस्थितिजन्य साक्ष्य भी सपोर्टिंग रहे।
अभियोजन की ओर से न्याय दृष्टांत कुछ केसों का हवाला दिया गया।
दो साल तक ऐसे चला मामला
2 जनवरी 2023 को घटना हुई।
3 मार्च 2023 को पुलिस ने चालान पेश किया।
25 अप्रैल 2023 को आरोप तय हुए।
18 मई 2023 को साक्ष्य प्रारंभ हुए।
28 मार्च 2025 को फैसला सुरक्षित रखा गया।
1 अप्रैल 2025 को आरोपी को विभिन्न धाराओं में कुल 62 वर्ष का कठोर कारावास हुआ।
4 अप्रैल 2025 को प्रभारी जिला अभियोजन अधिकारी संजय मीणा ने फैसले से अवगत कराया।
आरोपी घटना के बाद से ही जेल में है।