मिर्ज़ापुर: आस्था की पवित्र नगरी के रूप में ख्याति प्राप्त गंगा-जमुना, सरस्वती के पवित्र पावन संगम प्रयागराज में आयोजित हो रहे महाकुंभ 2025 मेला के दृष्टिगत विख्यात देवी धाम विंध्याचल धाम में भी तैयारियां चल रही हैं. महाकुंभ मेला को देखते हुए सुरक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मूड में नजर आ रहा है.
जिसको दृष्टिगत रखते हुए जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन के निर्देशन में तथा अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व शिव प्रताप शुक्ल के मार्ग दर्शन में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा महाकुंभ 2025 में आने वाले श्रद्धालुओं के सुरक्षा के दृष्टिगत विभिन्न विभागों की तैयारियों कि परख कर मां विंध्यवासिनी धाम, विन्ध्याचल में मॉक अभ्यास का आयोजन किया गया, ताकि सुरक्षा को लेकर मुस्तैदी और त्वरित तत्परता को परखा जा सके कि किसी आपातकालीन या विषम स्थितियों से कैसे निपटा जा सकता है.
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व शिव प्रताप शुक्ला ने बताया कि आयोजित मॉक अभ्यास को महाकुंभ-2025 के दृष्टिगत उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के द्वारा जारी दिशा निर्देशिका के अनुसार कराया गया है.
इस दौरान मॉक अभ्यास प्रारंभ होने के पूर्व विंध्याचल मंदिर परिसर में अनाउंसमेंट करवा दी गई थी कि मॉक अभ्यास का वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है तथा इसको सिर्फ प्रशासनिक तैयारी की परख के लिए ही आयोजित किया गया है. आयोजित मॉक अभ्यास में तीन सिनेरियो क्रमशः डूबना, अग्निकांड और भगदड़ के दौरान राहत एवं बचाव कार्य पर कार्यवाही की गई थी. सर्वप्रथम पक्का घाट विंध्याचल पर यह दर्शाया गया की कुछ लोग नदी में नहाने के दौरान डूब रहे हैं तथा उन डूबते हुए लोगों का विंध्याचल में तैनात राज्य आपदा मोचक बल कि टुकड़ी के द्वारा बचाव किया गया. उक्त सिनेरियों के बाद मंदिर में दिया जलाये जाने वाले स्थान पर आग लग जाने के कारण भगदड़ होने का एक दोहरा सिनेरियो रखा गया, जिसमें विभिन्न विभागों ने अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन किया. इस मॉक अभ्यास में सिटी मजिस्ट्रेट लाल बहादुर, क्षेत्राधिकारी शहर विवेक जावला व उनकी टीम, फायर सेफ्टी ऑफिसर अनिल प्रताप सरोज एवं अग्निशमन विभाग की टीम, एसडीआरएफ टीम प्रभारी अनुपम कुमार एवं उनकी टीम, चिकित्सा विभाग की टीम, विद्युत विभाग की टीम, राज्य निर्माण निगम की टीम, एसओ विंध्याचल अमित कुमार, जिला आपदा विशेषज्ञ अंकुर गुप्ता, प्रधान सहायक कलेक्ट्रेट अनूप संतु वाला एवं अन्य अधिकारी मौजूद थे.
विख्यात आदि शक्ति देवी धाम विंध्याचल में हजारों की संख्या में प्रतिरोज देश के कोने-कोने से भक्तों का आना होता है. मॉक अभ्यास के दौरान भक्त अचानक से पुलिस की इस कार्रवाई और भाग-दौड़, तत्परता को देख एक बारगी तो यही समझ बैठे थे कि कोई हादसा तो नहीं न हो गया है? कुछ गंगा घाट की तरफ चल पड़े थें तो कुछ स्थानीय लोगों मसलन पंडा समाज के लोगों से लेकर दुकानदारों से पूछ्ते नज़र आएं हैं कि कुछ घटना दुर्घटना हो गई है क्या?, लेकिन जैसे ही उन्हें यह बता चला है कि महाकुंभ मेला के दृष्टिगत भीड़-भाड़ बढ़ने पर आगलगी, गंगा नदी में डूबने से लेकर अन्य हादसों को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा और सजगता के दृष्टिगत मिर्ज़ापुर पुलिस और प्रशासन का यह संयुक्त ‘मॉक अभ्यास’ है, तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली है.
काशी और प्रयागराज की भांति विंध्याचल का है धार्मिक महत्व
वाराणसी यानी काशी और प्रयागराज के बीच स्थित विंध्याचल का अपना महत्वपूर्ण धार्मिक महत्व है. यही कारण है कि, काशी और प्रयागराज आने वाले तीर्थयात्री विंध्याचल देवी धाम आना नहीं भूलते हैं. अयोध्या और काशी विश्वनाथ मंदिर वाराणसी की भांति विंध्याचल देवी धाम को भी विंध्य कारिडोर के जरिए संवारा जा रहा है. सकरी तंग गलियों के स्थान पर चौड़ी साफ सुथरी गलियों के साथ ही मंदिर की ओर जाने वाले मार्ग चौड़े किए जाने के साथ यहां की तस्वीर पूरी तरह से बदल उठी है. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट वाले विंध्य कारिडोर से विंध्याचल देवी धाम का पूरा नक्शा ही बदल कर इसे पहले से कहीं ज्यादा दिव्य और भव्य स्वरूप प्रदान कर दिया गया है.
वर्ष के दोनों नवरात्रों में विंध्याचल देवी धाम में लाखों की संख्या में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ती है, लेकिन इस बार जनवरी से प्रयागराज में संगम तट पर शुरू हो रहे महाकुंभ 2025 को देखते हुए लाखों भक्तों की भीड़ उमड़ने के साथ उनकी सुरक्षा को देखते हुए तगड़े इंतजाम किए जा रहे हैं.