नक्सलियों के सफाए के लिए पुलिस अपनी रणनीति और संख्या बल को मजबूत करने में जुटी है। नक्सल प्रभावित लांजी और बैहर में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक से लेकर अनुविभागीय पुलिस अधिकारी की कमान भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी संभालेंगे। अभी यहां युवा अधिकारियों की तैनाती की गई है।
पुलिस अधीक्षक नगेंद्र सिंह का कहना है कि युवा आईपीएस को नक्सल आपरेशन की कमान देकर उनके कौशल, सूझबूझ और ऊर्जा का उपयोग किया जा रहा है। बल संख्या को मजबूत करते हुए जल्द ही हॉक फोर्स के 300 पद और विशेष सहयोगी दस्ता(एसएसयू) के करीब 800 पदों पर भर्ती की तैयारी है।
छत्तीसगढ़ में मुठभेड़ के बाद गश्त तेज
ये बड़े और अहम फैसले ‘मिशन 2026’ को ध्यान में रखते हुए लिए गए हैं। 20 मार्च को छत्तीसगढ़ में हुईं दो अलग-अलग मुठभेड़ में 30 नक्सलियों को मार गिराने के बाद यहां पुलिस ने अपनी गश्त और तेज कर दी है। छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के सीमावर्ती क्षेत्रों से लगे करीब 12 कैंप के 700 से अधिक जवान दिन-रात गश्त कर रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती इलाकों में पुलिस को नक्सलियों की गतिविधि से जुड़े इनपुट भी मिले हैं, जिससे पुलिस पहले से ज्यादा सतर्क है।
मिशन 2026 के लिए बढ़ा रहे पद
दिसंबर 2022 में नक्सल उन्मूल अभियान के तहत पुलिस ने तीन जिलों के क्षेत्रीय युवक-युवतियों का विशेष सहयोगी दस्ता बनाया था। तब बालाघाट में विशेष सहयोगी दस्ता के 80, मंडला में 30 और डिंडौरी में 40 पदों पर युवाओं की अस्थाई भर्ती की गई थी। मिशन 2026 को देखते हुए बालाघाट पुलिस इन पदों को बढ़ाने जा रही है।