चीन से गलबहियां बढ़ा रहे बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने अब एक नया पैंतरा चला है. यूनुस सरकार के सूचना सलाहकार ने दावा किया है कि शेख हसीना की अवामी लीग पार्टी के एक लाख से ज्यादा सदस्य भारत भाग खड़े हुए हैं.
रिपोर्ट के मुताबिक, महफूज आलम ने ये बयान ईद के मौके पर ढाका में इकट्ठा हुए उन लोगों के परिवार वालों के समक्ष दिया, जो शेख हसीना के कार्यकाल के दौरान या तो मारे गए या फिर लापता हो गए. मानवाधिकार समूह मायेर डाक ने इस कार्यक्रम का आयोजन किया था.
महफूज ने शेख हसीना की आलोचना करते हुए कहा कि उन्होंने अपने माता-पिता की हत्या का बदला लेने के लिए लोगों को जबरन गायब कर दिया और उनकी हत्या करवा दी.
उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा लोग 2013 और 2014 के दौरान गायब हुए हैं. यह वह समय था, जब लोग अपने मताधिकारों को लेकर प्रोटेस्ट कर रहे थे. इसके पीछे शेख हसीना सरकार का मकसद चुनावी प्रणाली को नष्ट करना था. सलाहकार ने बातया कि सरकार ने इन मामलों की जांच के लिए पहले ही एक आयोग का गठन कर दिया है.
बता दें कि बांग्लादेश सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस हाल ही में चीन के चार दिवसीय दौरे पर गए थे. इस दौरान उन्होंने चीन से इस क्षेत्र में अपना आर्थिक प्रभाव बढ़ाने को कहा था. उन्होंने कहा था कि इस क्षेत्र के समंदर का एक मात्र गार्जियन ढाका है. चीन को अपने देश में निवेश करने का न्योता देते हुए यूनुस ने कथित तौर पर भारत की मजबूरियां गिनाई थी और चीन को लुभाते हुए कहा था कि उसके पास बांग्लादेश में बिजनेस का बड़ा मौका है.
मोहम्मद यूनुस ने भारत के पूर्वोत्तर राज्यों का जिक्र करते हुए कहा था कि भारत के पूर्वोत्तर राज्यों, जिन्हें सेवन सिस्टर्स कहा जाता है. वे चारों ओर से भूमि से घिरे हुए देश हैं, भारत का लैंड लॉक्ड क्षेत्र हैं. उनके पास समुद्र तक पहुंचने का कोई रास्ता नहीं है. इस पूरे क्षेत्र में जो समंदर है उसका एक मात्र गार्जियन बांग्लादेश है.
पिछले साल पांच अगस्त को शेख हसीना की सरकार का तख्तापलट हो गया था. उसी दिन शेख हसीना ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था और भारत आ गई थीं. अभी शेख हसीना भारत में ही रह रही हैं. शेख हसीना के देश छोड़ देने के बाद अंतरिम सरकार का गठन किया गया, जिसके मुखिया मोहम्मद यूनुस हैं