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छत्तीसगढ़ में एक साथ हो सकते हैं नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव, डिप्टी सीएम अरुण साव ने दिए बड़े संकेत

रायपुर: छत्तीसगढ़ में विधानसभा और लोकसभा चुनाव के बाद अब नगरीय निकाय चुनाव और पंचायत चुनाव की तैयारी शुरू हो चुकी है. इसी साल के आखिर तक निकाय और पंचायत चुनाव तारीखों के ऐलान की संभावना है. इस बार छत्तीसगढ़ में पंचायत और निकाय चुनाव एक साथ हो सकते हैं. डिप्टी सीएम अरुण साव ने इसके संकेत दिए हैं.

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पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव एक साथ!: डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा-” देश में वन नेशन वन इलेक्शन की चर्चा हो रही है. सब जानते हैं कि आज लोग अपनी राय रखेंगे और सरकार भी इस दिशा में सोच रही है. छत्तीसगढ़ सरकार भी इस दिशा में सोच रही है. निकाय और पंचायत चुनाव एक साथ कराए जाने को लेकर सुझाव मांगे गए हैं. राज्य सरकार ने एक समिति का गठन किया है. वे इस बात पर ना सिर्फ लोगों की राय लें बल्कि कानून में इसके लिए बनाए प्रावधान- म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन एक्ट 1986, म्युनिसिपलटी एक्ट 1961 और पंचायत राज अधिनियम 1993 तीन कानून है. दोनों निकायों के चुनाव के संचालन के लिए अलग अलग नियम बने हैं. इस पर विचार कर क्या संभावना बन सकती है, इसके लिए समिति राय देगी और सुझाव लेगी. उसके हिसाब से सरकार आगे बढ़ेगी. ”

नगरीय निकाय चुनाव क्या है: शहरों में होने वाले चुनावों को नगरीय निकाय चुनाव कहते हैं. नगरीय निकाय चुनाव में नगर पालिका, नगर निगम, नगर पंचायतों में चुनाव कराया जाता है. इस चुनाव में मेयर, नगर पंचायत अध्यक्ष और पार्षदों का चुनाव होता है.

पंचायत चुनाव क्या है: पंचायत चुनाव के तहत पंचायती राज में होने वाले चुनाव आते हैं. ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत, जिला पंचायत में चुनाव कराया जाता है. इसमें गांव की जनता जनपद पंचायत अध्यक्ष, सरपंच और पंच का चुनाव करती है.

 

 

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