उमरिया : शिक्षा की रोशनी से हर घर को जगमगाने की दिशा में एक और कदम बढ़ाते हुए, उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत मूलभूत साक्षरता एवं संख्यात्मकता मूल्यांकन परीक्षा का आयोजन 16 फरवरी को किया जा रहा है. इस महत्त्वपूर्ण परीक्षा के लिए जिलेभर में 578 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां 30,786 से अधिक परीक्षार्थी अपने ज्ञान का आकलन कर सकेंगे.
कैसे होगी परीक्षा?
इस परीक्षा का आयोजन सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक किया जाएगा, जिसमें परीक्षार्थियों को तीन घंटे का समय मिलेगा. खास बात यह है कि परीक्षार्थी अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी परीक्षा केंद्र पर जाकर परीक्षा दे सकते हैं.
कौन दे सकता है परीक्षा?
वे शिक्षार्थी जो साक्षरता सर्वेक्षण के तहत चिन्हित किए गए हैं और जिन्होंने उल्लास अक्षर पोथी प्रवेशिका से अध्ययन किया है.
वे लोग, जिन्होंने साक्षरता कक्षाओं में अध्ययन पूरा किया है लेकिन प्रमाण पत्र नहीं मिला.
वे व्यक्ति जो पहले से शिक्षित हैं लेकिन उनके पास कोई औपचारिक प्रमाण पत्र नहीं है.
पहले की परीक्षाओं में जिन परीक्षार्थियों के परिणाम में सुधार की जरूरत है, उन्हें भी यह मौका मिलेगा.
परीक्षार्थियों की मदद के लिए तैयार समाज
नव साक्षरों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने के लिए अक्षर साथी, सामाजिक संस्थाएं, वरिष्ठ नागरिक, NSS, NCC, भारत स्काउट गाइड, नेहरू युवा केंद्र, जन अभियान परिषद और मुख्यमंत्री नेतृत्व विकास पाठ्यक्रम के छात्र-छात्राएं सक्रिय भूमिका निभाएंगे.
शिक्षा का प्रकाश, हर घर तक पहुंचाने का संकल्प
यह परीक्षा न सिर्फ साक्षरता को बढ़ावा देगी, बल्कि उन लोगों को भी एक नया अवसर देगी, जो शिक्षा की दौड़ में पीछे छूट गए थे. इस पहल से साक्षरता दर में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है, जिससे समाज में शिक्षा का प्रकाश और तेज़ी से फैलेगा.