छत्तीसगढ़ के कांकेर में फरवरी 2023 में हुए सेना के जवान मोतीलाल आंचला की हत्या मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बड़े स्तर पर कार्रवाई की है। शनिवार को NIA ने जगदलपुर स्थित विशेष अदालत में पांच आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया। आरोपपत्र के अनुसार, आमाबेड़ा इलाके के भवन लाल जैन, सुरेश कुमार सलाम, शैलेंद्र कुमार बघेल और अंदूराम सलाम ने नक्सली ओवर ग्राउंड वर्कर्स और माओवादी सशस्त्र कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर जवान की हत्या की साजिश रची।
घटना उस समय हुई जब मोतीलाल अपने परिवार के साथ आमाबेड़ा के उसेली गांव के मेले में पहुंचे थे। आरोपियों ने मौका पाकर जवान की हत्या कर दी। NIA ने फरवरी 2024 में यह केस स्थानीय पुलिस से लेकर अपनी जांच शुरू की। मार्च 2024 से मार्च 2025 तक एजेंसी ने आमाबेड़ा क्षेत्र में कई छापेमारी और संदिग्धों से पूछताछ की।
NIA ने जून 2025 में अन्य आरोपी आशु कोर्सा के खिलाफ भी चार्जशीट दाखिल की। सभी आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता, आर्म्स एक्ट और यूए(पी) एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज है। एजेंसी का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और अन्य संदिग्धों की पहचान तथा गिरफ्तारी की कार्रवाई जारी है।
इस केस से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि हत्या की साजिश नक्सली और माओवादी तत्वों द्वारा की गई थी, जिसमें जवान को उनके परिवार के साथ मेला घूमने के दौरान निशाना बनाया गया। इस घटना ने स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बलों के लिए गंभीर चिंता उत्पन्न की।
NIA की कार्रवाई से यह संदेश भी गया कि कानून प्रवर्तन एजेंसियां ऐसे गंभीर मामलों में कोई ढील नहीं बरतेंगी। यह हत्याकांड केवल अपराध नहीं बल्कि सुरक्षा तंत्र और कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाला मामला भी था। एजेंसी की कार्रवाई से स्थानीय नागरिकों में सुरक्षा और न्याय के प्रति विश्वास बढ़ा है।
हालांकि, NIA ने कहा कि जांच पूरी होने तक और भी आरोपियों की पहचान की संभावना है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले में सटीक सबूत और गवाहों के बयान जुटाए गए हैं, ताकि दोषियों को सजा दिलाई जा सके। इस कार्रवाई से छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों और आम नागरिकों की सुरक्षा पर फोकस और मजबूत हुआ है।