दुनिया के कई देशों में समलैंगिकता अब भी अपराध की श्रेणी में आती है, जबकि कुछ देशों में इस कानून में बदलाव किए जा रहे हैं. हालांकि, कुछ जगहों पर अब भी सार्वजनिक तौर पर कड़ी सजा दी जाती है.
इंडोनेशिया में समलैंगिकता पर कड़ी कार्रवाई
ताजा मामला इंडोनेशिया के आचे प्रांत का है, जहां दो छात्रों को समलैंगिक संबंध बनाने के आरोप में सजा सुनाई गई है. यह मामला अब सुर्खियों में बना हुआ है. 24 और 18 साल के इन दोनों छात्रों को 7 नवंबर 2024 को गिरफ्तार किया गया था. अधिकारियों को दोनों पर समलैंगिक होने का शक हुआ था, जिसके बाद उन्हें एक किराए के कमरे में नग्न अवस्था में गले मिलते हुए पकड़ा गया था.
कोर्ट ने ‘अवैध संबंधों’ का दोषी करार दिया
24 फरवरी, 2025 को इस्लामी शरिया कोर्ट ने तीन जजों की बेंच के साथ मामले की सुनवाई की. मुख्य जज सकवाना ने कहा कि दोनों छात्रों के समलैंगिक संबंधों का प्रमाण कानूनी रूप से साबित हो चुका है. अदालत ने 24 वर्षीय छात्र को 85 और 18 वर्षीय छात्र को 80 कोड़े मारने की सजा सुनाई.
100 कोड़ों की सजा से मिली राहत, लेकिन कठोर सजा बरकरार
शुरुआत में दोनों को 100 कोड़े मारने की सजा देने की मांग की गई थी, लेकिन अदालत ने इसे घटाकर 85 और 80 कोड़े कर दिया. यह राहत इसलिए दी गई क्योंकि दोनों छात्रों ने सुनवाई के दौरान अनुशासन बनाए रखा, सहयोग किया, और उन पर पहले कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं था. हालांकि, 24 वर्षीय छात्र को अधिक सजा दी गई क्योंकि जजों का मानना था कि उसने छोटे छात्र को इस रिश्ते के लिए प्रेरित किया.
आचे में शरिया कानून का सख्त पालन
आचे इंडोनेशिया का सबसे धार्मिक प्रांत माना जाता है, जहां 2006 से इस्लामी शरिया कानून लागू है. इंडोनेशियाई सरकार ने एक शांति समझौते के तहत इस क्षेत्र को इस्लामी कानूनों का पालन करने की विशेष अनुमति दी थी. यहां धार्मिक पुलिस और इस्लामी न्यायालय सक्रिय रूप से काम करते हैं, जो हर साल 100 से अधिक लोगों को कोड़ों की सजा सुनाते हैं.
आचे में समलैंगिकता के अलावा, जुआ खेलना, शराब पीना, अविवाहित जोड़ों का साथ रहना, तंग कपड़े पहनना और शुक्रवार की नमाज छोड़ना भी अपराध की श्रेणी में आता है, जिन पर सार्वजनिक कोड़े मारने की सजा दी जाती है.