लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा आज (4 दिसंबर) संभल के लिए निकले थे, लेकिन उन्हें गाजीपुर बॉर्डर पर ही पुलिस ने रोक लिया और उनका काफिला आगे नहीं बढ़ सका. काफी देर तक चली मशक्कत के बाद राहुल और प्रियंका के काफिले को वापस दिल्ली भेज दिया गया, जिसके बाद सभी कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता दिल्ली की तरफ लौट गए. यहां से राहुल और प्रियंका सहित सभी कांग्रेस सांसद पार्लियामेंट चले गए.
राहुल और प्रियंका को संभल जाने से रोकने के लिए पुलिस ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की थी. गाजीपुर बॉर्डर पर उनके काफिले को रोकने के लिए ट्रैफिक को पहले ही रोक दिया गया था. प्रशासन की इस सख्ती के कारण कई लोगों को परेशानी उठानी पड़ी. कोई पिता की अंत्येष्टि में नहीं जा सका तो कोई ऐसा भी था, जिसे सुनवाई के लिए कोर्ट जना था, लेकिन नहीं जा सका. घंटों जाम में फंसे रहने के कारण गुस्साए लोगों ने कांग्रेस नेताओं पर ही अपना गुस्सा निकालना शुरू कर दिया. लोग गुस्से में कांग्रेस कार्यकर्ताओं से ही भिड़ गए और कुछ कार्यकर्ताओं को थप्पड़ भी जड़ दिए.
देखिए लोगों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प का VIDEO
#WATCH | A commuter stuck at the Ghazipur border says "We just want our way to be clear. I am 80 years old. I am coming from Delhi. My brother has died and I want to go from here so that we can at least join his last rites. Where will we go?…We have been waiting here for over… https://t.co/gq9keS8Mue pic.twitter.com/9g3nyzoStL
— ANI (@ANI) December 4, 2024
मौके पर मौजूद जब लोगों से बातचीत की तो एक पिता ने बताया कि वह अपनी बेटी को एग्जाम दिलाने ले जा रहे थे, लेकिन वो जाम में ही फंसे रह गए. जाम में फंसे लोगों से बातचीत की तो ट्रैफिक जाम में फंसे नरेंद्र सिंह ने बताया कि उनकी बेटी का मेरठ में एग्जाम है. एक बजे से पेपर है. लेकिन वह दिल्ली-गाजीपुर बॉर्डर पर जाम में फंसे हुए हैं. यहां से निकल ही नहीं पा रहे हैं. उन्होंने सवाल किया कि सड़कों पर लोगों को परेशान क्यों किया जा रहा है.
पिता की अंत्येष्टि में भी नहीं पहुंच पाया शख्स
एक शख्स ने बताया कि उसे सुनवाई के लिए अदालत जाना था, लेकिन वह जाम में फंसे होने के कारण कोर्ट की सुनवाई में नहीं पहुंच पाया. वहीं, एक शख्स ऐसा भी था, जिसे अपने पिता के अंतिम संस्कार में जाना था, लेकिन जाम के कारण वह पिता की अंत्येष्टि में ही शामिल नहीं हो सका. एक शख्स तो ऐसा था, जिसका दोपहर 12 बजे ऑफिस अपॉइंटमेंट ता, लेकिन वह जाम में फंसे होने के कारण दफ्तर नहीं पहुंच पाया.