डीडवाना-कुचामन: राजस्थान पुलिस द्वारा राज्य स्तर पर गुमशुदा नाबालिग बच्चों की तलाश के लिए एक विशेष अभियान “ऑपरेशन खुशी-IX” शुरू किया है. यह अभियान 1 अप्रैल से शुरू हुआ है जो आगामी 30 अप्रैल 2025 तक जारी रहेगा, जिसमें 18 वर्ष से कम उम्र के लापता बच्चों को ढूंढकर उनके परिजनों से मिलवाने का लक्ष्य रखा गया है. अभियान के तहत गुमशुदा बच्चों को तलाश कर पुलिस उनके घरों में खुशियां लाएगी।
इस अभियान में कार्य को गंभीरता और तत्परता से करने वाले पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत किया जाएगा, जबकि लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.
जिला पुलिस अधीक्षक की बैठक
डीडवाना-कुचामन जिला पुलिस अधीक्षक हनुमान प्रसाद मीणा की अध्यक्षता में इस अभियान को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन पुलिस अधीक्षक कार्यालय सभागार में किया गया. इसमें जिले के सभी थाना प्रभारियों, बाल कल्याण अधिकारी, बाल कल्याण अधिकारिता विभाग, श्रम विभाग, समाज कल्याण विभाग, चाइल्ड हेल्पलाइन, किशोर न्याय बोर्ड के अधिकारी एवं विभिन्न एनजीओ के सदस्य उपस्थित रहे.
बैठक में एसपी हनुमान प्रसाद मीणा ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि इस अभियान के तहत गुमशुदा बच्चों की शीघ्र दस्तयाबी सुनिश्चित की जाए और उनके परिजनों को सौंपा जाए. उन्होंने सभी टीमों को समन्वित रूप से कार्य करने का निर्देश दिया ताकि अधिक से अधिक बच्चों को खोजा जा सके.
अभियान के उद्देश्य
- राज्य में गुमशुदा नाबालिग बच्चों की संख्या को कम करना.
- लावारिस एवं श्रम में लगे बच्चों को सुरक्षित वातावरण में पुनर्स्थापित करना.
- समाज में जागरूकता फैलाकर गुमशुदा बच्चों की त्वरित सूचना पुलिस को उपलब्ध कराना.
- तकनीकी सहायता का उपयोग करते हुए बच्चों की जल्द से जल्द पहचान और दस्तयाबी सुनिश्चित करना.
तकनीकी सहायता और कार्य प्रणाली
अभियान के दौरान प्रत्येक जिले में साइबर सेल को सक्रिय किया जाएगा ताकि डिजिटल साधनों का उपयोग कर गुमशुदा बच्चों की पहचान और लोकेशन ट्रैकिंग में सहायता मिल सके. इसके अलावा, प्रत्येक जिले से इस अभियान की साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय के सिविल राइट्स एवं एएचटी शाखा के मिसिंग पर्सन सेल में संकलित की जाएगी.
आमजन से अपील
डीडवाना-कुचामन जिला पुलिस अधीक्षक हनुमान प्रसाद मीणा ने आमजन से अपील की है कि यदि वे अपने आस-पास बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, होटल, ढाबे, फैक्ट्रियों या सार्वजनिक स्थानों पर लावारिस या श्रम में लगे नाबालिग बच्चों को देखें, तो तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम या नजदीकी थाना में सूचित करें.
सामाजिक सहयोग की आवश्यकता
इस अभियान में प्रशासन के साथ-साथ एनजीओ, सामाजिक संगठनों और जागरूक नागरिकों की भूमिका भी महत्वपूर्ण होगी. समाज के सहयोग से ही इस अभियान को अधिक प्रभावी और सफल बनाया जा सकता है. कुचामन के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नेमीचंद और पुलिस उपाधीक्षक अरविंद विश्नोई ने बताया की ऑपरेशन खुशी-IX न केवल गुमशुदा बच्चों की तलाश का अभियान है, बल्कि यह समाज को जागरूक करने का भी एक महत्वपूर्ण प्रयास है.
यह अभियान प्रशासन और समाज के संयुक्त प्रयास से सफल होगा और कई परिवारों को उनके खोए हुए बच्चों से मिलाने का कार्य करेगा। आइए, इस नेक पहल में योगदान देकर इसे सफल बनाएं.