प्रधानमंत्री नल जल योजना: खर्री बड़े में अधूरे काम से ग्रामीणों में आक्रोश, प्रशासन पर उठे सवाल

सारंगढ़ : जिले की एकमात्र ग्राम पंचायत खर्री बड़े में प्रधानमंत्री नल जल योजना की स्थिति बेहद खराब है. बार-बार शिकायतें करने और जिला जन समस्या निवारण शिविर में अनेकों ज्ञापन देने के बावजूद लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) और जिला प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं. यह लापरवाही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हर घर नल जल योजना की मंशा पर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है.

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इस योजना के अंतर्गत प्रदेश और जिलेभर में करोड़ों रुपए खर्च किए गए हैं. परंतु, सारंगढ़ जनपद पंचायत के अंतर्गत ग्राम पंचायत खर्री बड़े में यह योजना अपने अंतिम चरण में असफल होती प्रतीत हो रही है. यहाँ न तो समस्या सुनने वाला है और न ही समाधान कराने वाला.

पचास लाख की योजना 

खर्री बड़े में नल जल योजना का काम लगभग दो साल पहले लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने शुरू किया था. यह कार्य ठेका पद्धति से राम चरण कुर्रे नामक ठेकेदार को दिया गया था. योजना के तहत करीब 50 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे. ठेकेदार ने कुछ जगह पाइपलाइन बिछाई और पानी की टंकी के नाम पर सिर्फ पिलर खड़ा किया.इसके बाद काम अधूरा छोड़कर चला गया.

गड्ढों से ग्रामीण परेशान

गांव के कई हिस्सों में खोदी गई पाइपलाइन के गड्ढे ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बन गए हैं. सरपंच श्रीमती शशि बाई भारद्वाज और पंचायत के अन्य सदस्यों ने कई बार कलेक्टर धर्मेश साहू के समक्ष इस मुद्दे को उठाया. लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे नाराज होकर ग्रामीण अब कलेक्टर कार्यालय का घेराव करने की तैयारी कर रहे हैं.

जांच का विषय

गांव में अधूरी पाइपलाइन और पानी की टंकी के निर्माण कार्य को पूरा किए बिना ठेकेदार को भुगतान किया गया होगा, जो जांच का विषय है. कई गांवों में पाइपलाइन बिछाने और पानी की टंकी बनाने का काम अधूरा है, फिर भी इसे पूरा दिखाकर संबंधित विभाग ने भुगतान कर दिया.

 

पानी का स्रोत नहीं मिलने का दावा

पीएचई के कार्यपालन अभियंता कमल कंवर ने कहा कि कुछ गांवों में पानी का स्रोत न मिलने के कारण काम रुका हुआ है. लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारियों और ठेकेदारों की उदासीनता और लापरवाही के कारण उनकी समस्याएं बढ़ गई हैं.

ग्रामीणों की मांग

ग्राम पंचायत खर्री बड़े के निवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द नल जल योजना के अधूरे काम को पूरा किया जाए. साथ ही, ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को विवश होंगे.

प्रधानमंत्री नल जल योजना का उद्देश्य हर घर तक पानी पहुंचाना है, लेकिन खर्री बड़े में इस योजना की दुर्दशा ने सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. प्रशासन को जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान करना चाहिए ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके.

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