महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना ने सबको चौंका दिया है. पुष्पांजलि माध्यमिक स्कूल के प्रिंसिपल सुनील कारामुंगे (उम्र 50) ने एक नाबालिग छात्रा का वीडियो कॉल पर यौन उत्पीड़न किया. यह स्कूल नांदेड़ शहर के पास पसादगांव में मौजूद है. मामला तब सामने आया जब 10वीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा ने अपने माता-पिता को बताया कि प्रिंसिपल ने पेपर चेक करने के बहाने उसके मोबाइल पर वीडियो कॉल की और अश्लील हरकतें कीं.
गुस्साए परिजनों ने प्रिंसिपल को बाहर बुलाकर उसकी पिटाई कर दी. इसके बाद छात्रा ने शिवाजीनगर थाने में शिकायत दर्ज की. चूंकि पीड़िता नाबालिग थी, पुलिस ने प्रिंसिपल के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया. यह खबर सुनते ही सुनील कारामुंगे डर गए. उन्हें लगा कि उनकी बदनामी होगी. इसी डर से उन्होंने जहर खा लिया.
वीडियो कॉल कर प्रिंसिपल ने छात्रा से की अश्लील हरकत
परिवार ने उन्हें तुरंत एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन इलाज के दौरान शुक्रवार दोपहर उनकी मौत हो गई. मरने से पहले सुनील ने एक नोट लिखा, जिसमें उन्होंने कहा कि पीड़ित लड़की के परिवार ने मुझे मानसिक रूप से परेशान किया, इसलिए मैं खुदकुशी कर रहा हूं.
मृत प्रिंसिपल के परिवार ने पीड़ित छात्रा और उसके माता-पिता व भाई के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कराया. पुलिस अब दोनों पक्षों की जांच कर रही है. ऐसे में लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या स्कूलों में बच्चे सुरक्षित हैं? कुछ महीने पहले भी नांदेड़ में एक प्रिंसिपल पर छात्रा से छेड़छाड़ का आरोप लगा था.
पुलिस ने दोनों की पक्ष से शिकायत लेकर जांच शुरू की
शिवाजीनगर पुलिस इंस्पेक्टर शिवाजी गुरमे ने कहा कि हम इस मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं. दोनों पक्षों के दावों को देखा जा रहा है, यह घटना शिक्षक-छात्र के पवित्र रिश्ते पर सवाल खड़े कर रही है, समाज में गुस्सा और डर दोनों फैल रहा है.