अमेठी : कोतवाली क्षेत्र के मंगलपुर स्थित एक निजी माल कंपनी में काम कर रहे 50 कर्मचारियों को अचानक नौकरी से निकाल दिए जाने की घटना सामने आई है. इससे नाराज कर्मचारियों ने गोदाम के पास इकट्ठा होकर विरोध प्रदर्शन किया. उनका आरोप है कि उन्हें बिना किसी पूर्व सूचना के नौकरी से हटा दिया गया और इसके बदले एक महीने का वेतन भी उन्हें नहीं दिया गया. कर्मचारियों ने इस कदम को उनके साथ हो रहे अन्याय के रूप में बताया है.
प्रदर्शन कर रहे एक कर्मचारी, शैलेंद्र शुक्ल ने बताया, “हमारे साथ इस तरह का व्यवहार किया गया कि हमें अचानक ही काम से हटा दिया गया. हमें न तो किसी तरह की सूचना दी गई और न ही एक महीने का वेतन दिया गया. इस फैसले से हमारे परिवारों की आर्थिक स्थिति पर गंभीर असर पड़ा है.” शैलेंद्र ने यह भी कहा कि उन्हें इस स्थिति में कोई न्याय मिलने की उम्मीद नहीं दिखती, क्योंकि कंपनी की ओर से कोई स्पष्ट जवाब नहीं आया है.
इसी तरह, विवेक नामक एक अन्य कर्मचारी ने भी अपनी परेशानी साझा की. विवेक ने कहा, “मैं इस कंपनी में पिछले तीन साल से काम कर रहा हूं, और एक दिन अचानक बिना किसी सूचना के मुझे नौकरी से निकाल दिया गया. यह हमारे साथ बहुत बड़ा अन्याय है. हमें किसी भी प्रकार की जानकारी नहीं दी गई, न ही हमें यह बताया गया कि हमें क्यों निकाला गया. इस निर्णय से हमारे जीवन में काफी मुश्किलें पैदा हो गई हैं.”
वहीं, इस मामले पर कंपनी के अधिकारी सूर्य भान सिंह का कहना था कि कर्मचारियों को निकाला नहीं गया है, बल्कि उनका स्थानांतरण किया गया है. उन्होंने कहा, “कर्मचारी जो आरोप लगा रहे हैं, वह गलत हैं. इन कर्मचारियों का ट्रांसफर किया गया था, लेकिन वे नए स्थान पर जाने के लिए तैयार नहीं हैं. हम उनकी परेशानी को समझते हैं और इस मुद्दे को हल करने के लिए जल्द ही एक समाधान निकाले जाएंगे.”
इस मामले में अब तक कंपनी की ओर से कोई स्पष्ट कदम नहीं उठाया गया है, जिससे कर्मचारियों के बीच निराशा और आक्रोश का माहौल है. कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें न्याय मिलने तक वे अपना विरोध जारी रखेंगे. साथ ही, वे यह भी चाहते हैं कि कंपनी उनके बकाए वेतन का भुगतान करे और उनके स्थानांतरण को लेकर पूरी स्थिति स्पष्ट करे.