महाराष्ट्र में मराठी भाषा विवाद को लेकर मचा बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है. सूबे में मराठी न बोल पाने के चलते लोगों के साथ लगातार मारपीट की घटनाएं सामने आ रही हैं. हाल ही में राज ठाकरे के ने कहा था कि पीटो लेकिन वीडियो मत बनाओ. वहीं अब उनके इस बयान पर जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर की प्रतिक्रिया सामने आई है. उनका कहना है कि ये देश राज ठाकरे के पिता जी का नहीं है. कोई भी अपने घर में बैठकर कुछ भी कह सकता है. यह उनके शिष्टाचार को दर्शाता है.
एएनआई से बात करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि बॉम्बे में अपने घर में बैठकर राज ठाकरे बाघ बन रहे हैं. अपने घर में बैठकर कोई भी किसी को गाली दे सकता है. ये उनके संस्कार को दिखाता है. उन्होंने कहा कि अपने घर में बैठकर किसी गरीब को या काम करने वाले वालों को थप्पड़ मारना कोई बहादुरी नहीं है.
वहीं उद्धव और राज दोनों भाइयों के एक साथ आने को लेकर उन्होंने कहा कि अगर दोनों भाई एक साथ आ भी जाएं तो क्या करेंगे. दोनों पहले भी साथ थे तो इन्होंने क्या कर लिया था. उन्होंने कहा कि राज ठाकरे जिम्मेदार नहीं हैं बल्कि इसके लिए बीजेपी सरकार और कांग्रेस सरकार जिम्मेदार हैं. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर तेजस्वी यादव को बोलना चाहिए ये लोग उद्धव ठाकरे के साथ बैठकर चाय पीते हैं. राहुल गांधी उनके साथ चाय पीते हैं. किशोर ने कहा कि जब हमने शिवसेना की मदद की थी,तो हमने उनसे आश्वासन लिया था कि मुंबई में बिहार के हिंदी भाषी लोगों को नुकसान नहीं पहुंचाया जाना चाहिए, उनके खिलाफ कोई हिंसा नहीं होनी चाहिए.
‘पीटो लेकिन वीडियो मत बनाओ’
दरअसल महाराष्ट्र में मराठी न बोलने को लेकर लगातार हिंदी भाषी लोगों के साथ मारपीट की जा रही है. हाल ही में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के कार्यकर्ताओं ने व्यापारियों के मराठी न बोल पाने के चलते उनके साथ मारपीट की थी. भाषा के नाम पर हो रही हिंसा को नजरअंदाज करते हुए एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे ने अपने कार्यकर्ताओं से कहा था कि अबकी बार किसी के काम के नीचे बजाओ तो वीडियो मत बनाना. उनके इस बयान को लेकर तमाम दलों के नेताओं ने नाराजगी जाहिर की है.