डीडवाना – कुचामन: डीडवाना पुलिस ने संगठित साइबर गैंग का पर्दाफाश करते हुए मुख्य सरगना पंकज मंडा व गिरधारी कड़वासरा सहित छह आरोपितों को गिरफ्तार किया है. इन आरोपितों के खिलाफ 36 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर शिकायतें दर्ज मिली हैं. पुलिस ने उनके कब्जे से दो एटीएम कार्ड, पांच मोबाइल फोन और सात बैंक पासबुक बरामद किए हैं.
डीडवाना एसपी कार्यालय में एसपी ऋचा तोमर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि गिरोह कमीशन के बदले साइबर फ्रॉड का काम करता था. आरोपित आम लोगों को झांसा और लालच देकर उनके बैंक खाते व एटीएम कार्ड अपने कब्जे में लेते और ठगी की रकम उन्हीं खातों में मंगवाते थे। इसके बाद खातों से रकम निकालकर अपने सरगना तक पहुंचाते थे.
एसपी ने बताया कि हाल ही में साइबर सेल को संदिग्ध बैंक खातों से जुड़ी शिकायतें मिली थीं. इस पर डिप्टी एसपी धरम पूनिया और थाना अधिकारी राजेंद्र सिंह कमांडो के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई. फील्ड इंटेलिजेंस और तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने आरोपितों की गतिविधियों का पता लगाया.
पुलिस को सूचना मिली कि सरगना पंकज मंडा अपने साथियों के साथ एक काले रंग की स्कॉर्पियो में साइबर ठगी की गतिविधियों को अंजाम दे रहा है. इस पर पुलिस ने दबिश देकर पंकज मंडा, समीर शेख, गिरधारी कड़वासरा, मोहम्मद शरीफ, शोहफ़ खान और अरबाज खान को गिरफ्तार कर लिया.
एसपी ऋचा तोमर ने बताया कि यह गिरोह आपराधिक षड्यंत्र के तहत लोगों को कमीशन व प्रलोभन देकर उनके बैंक खाते, पासबुक, एटीएम कार्ड और अन्य दस्तावेज कब्जे में ले लेता था। बाद में साइबर ठगी की राशि को ऑनलाइन, स्कैनर, ई-मित्र और अन्य माध्यमों से निकालकर सरगना तक पहुंचाते थे. आरोपितों के खातों की जांच में सामने आया है कि देश के विभिन्न राज्यों से 36 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर शिकायतें इस गिरोह के खिलाफ दर्ज हैं। मामले की जांच जारी है.