डीडवाना – कुचामन: राजस्थान पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) ने दुबई में कामयाबी हासिल करते हुए लॉरेंस विश्नोई-रोहित गोदारा गैंग से जुड़े आदित्य जैन उर्फ टोनी को गिरफ्तार किया था.
दुबई से पकड़कर लाए गए इस बदमाश को आज जयपुर से कुचामन लाकर कुचामन व्यापारी फिरौती मामले में मुकदमा नंबर 401 में कड़ी सुरक्षा के बीच एसीजेएम न्यायालय में पेश किया गया। पेशी के दौरान न्यायालय परिसर छावनी के रूप।में नजर आया ,जाना भारी पुलिस जाब्ता तैनात रहा । पेशी के दौरान सुरक्षा के नजरिए से कोर्ट परिसर को खाली करवा लिया गया था । इससे पहले आदित्य को कुचामन थाने ले जाया गया और मुकदमे संबंधी औपचारिकताएं पूरी की गई इसके साथ ही मेडिकल जांच भी कराई गई.
न्यायालय ने दिए ये आदेश:
न्यायालय ने आदित्य को न्यायिक अभिरक्षा में भेजने का आदेश दिया है। वहीं, बचाव पक्ष द्वारा दाखिल जमानत याचिका को भी खारिज कर दिया गया अभियोजन पक्ष ने कोर्ट से आरोपी को मुकदमा संख्या 403 में प्रोडक्शन वारंट के तहत गिरफ्तार करने की भी अपील की, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया.
कौन है आदित्य उर्फ टोनी?
कुचामन सिटी निवासी आदित्य जैन पहले एक आम युवक था, लेकिन कुछ वर्षों पूर्व पारिवारिक विवाद के चलते घर से बेदखल हुआ। इसके बाद वह अपराध की दुनिया में उतर गया और लॉरेंस विश्नोई गैंग से जुड़ गया। जांच में सामने आया है कि वह डिब्बा कॉलिंग (VoIP – वॉयस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल) के जरिए विदेश से बैठकर भारत के व्यापारियों और उद्योगपतियों को धमकी भरे कॉल कराता था.
गौरतलब है कि दुबई से गिरफ्तार किए गए आदित्य पर
रंगदारी, फायरिंग और फिरौती के मामलों में संलिप्तता के आरोप हैं। साल 2024 के अंत में, कुचामन सिटी के बहुचर्चित व्यापारियों से करोड़ों की फिरौती के लिए धमकी भरे कॉल मामले में उसका नाम सामने आया था। इस मामले में गैंग के गुर्गों ने अंतरराष्ट्रीय नंबरों से पांच व्यापारियों को धमकाया था, और कई व्यापारियों ने आदित्य के शामिल होने की आशंका जताते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थीथी.
व्यापारियों की रिपोर्ट पर पुलिस की और से दर्ज किए गए धमकीं मामले में आदित्य आरोपी है, लारेंस गैंग से जुड़ी गतिविधि के चलते आदित्य राजस्थान पुलिस के रडार पर था और लंबे समय से उसकी तलाश की जा रही थी. राजस्थान पुलिस ने डीआईजी योगेश यादव और एएसपी नरोत्तम वर्मा के निर्देशन में इंटरपोल से समन्वय कर आदित्य जैन के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवाया, इसके बाद सीआई मनीष शर्मा और रविंद्र प्रताप की टीम ने दुबई में उसके ठिकाने का पता लगाया और सीबीआई के माध्यम से यूएई अथॉरिटीज को सूचना दी गई, यूएई की अथॉरिटीज ने आदित्य जैन को हिरासत में लेकर राजस्थान पुलिस को सूचित किया. इसके बाद एएसपी सिद्धांत शर्मा के नेतृत्व में सीआई रविंद्र प्रताप सिंह, सुनील जांगिड़, कमलेश, हेड कांस्टेबल रमेश और सन्नी की टीम दुबई रवाना हुई। टीम ने सफलतापूर्वक टोनी को अपनी कस्टडी में लिया और उसे जयपुर लेकर पहुंची. आज आदित्य को कुचामन फिरौती मामले में दर्ज मुकदमा नंबर 401 में कुचामन न्यायालय में पेश किया गया.
अभियोजन पक्ष ने ये कहा –
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता सुनील शर्मा ने बताया की कुचामन फिरौती मामले में आरोपी आदित्य जैन पर कुचामन के व्यापारियों को अंतर्राष्ट्रीय नंबरों से काल करने में सहयोगी के रूप में आदित्य की भूमिका सामने आई है, आदित्य लारेंस गैंग द्वारा फिरौती के लिए किए गए धमकी भरे फोन काल में डिब्बा कॉलिंग का सूत्रधार है, अधिवक्ता ने बताया कि आरोपी को आज मुकदमा नंबर 403 में प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार करने का प्रार्थना पत्र पेश किया गया था ,जिसे न्यायाधीश महोदय ने स्वीकार कर आदेश जारी किए है.
जिला पुलिस अधीक्षक ने ये कहा –
डीडवाना – कुचामन के जिला पुलिस अधीक्षक हनुमान प्रसाद मीणा ने बताया की “आदित्य जैन की भूमिका फिरौती कॉल्स में तकनीकी सहयोग देने की रही है, वह डिब्बा कॉलिंग का सूत्रधार है, जांच अभी जारी है और आने वाले समय में इस केस से जुड़े और भी अहम खुलासे होने की उम्मीद है.”
फिलहाल आदित्य को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है। जांच एजेंसियां अब उसकी भूमिका और गैंग के नेटवर्क को खंगालने में जुटी हैं। साथ ही, कुचामन फिरौती केस के अन्य मुकदमों में भी उसे प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जाएगा.