सिंगरौली : जिले के सरई में लाठी से बेदम पिटाई कर राम सजीवन को मौत के घाट उतार देने के 5 वर्ष पुराने मामले में 3 अभियुक्तों को न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनायी है.अपर सत्र न्यायाधीश देवसर विजय चौहान के न्यायालय ने साक्षियों के कथन व अन्य तथ्यगत को आधार को पाते हुए मामले में 3 अभियुक्तों दोषी करार दिया है.
दोषी करार दिये गये अभियुक्तों में समर बहादुर अगरिया, राजू उर्फ अनिल तथा तारा उर्फ मिन्ना अगरिया को भादंसं की धारा 302/34 के अंतर्गत आजीवन कारावास की सजा के साथ 5 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है.
बतातें चलें कि सरई थाना क्षेत्र के घोघरा ग्राम में 3 दिसंबर 2019 की रात में आरोपियों ने लाठी से पीट-पीटकर रामसजीवन अगरिया की हत्या कर दी थी. घटना में अन्य के चोटिल होने की सूचना पर सरई थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर मय चालान न्यायालय में पेश किया था.
न्यायालय में अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजन अधिकारी मार्कंडेय मणि त्रिपाठी ने तार्किक ढंग से पक्ष रखा था. उन्होंने न्यायालय से आरोपियों को सख्त सजा देने की अपील की थी.
पुरानी रंजिश में ले ली जान
प्राप्त जानकारी के अनुसार रामसजीवन की समर बहादुर से पुरानी रंजिश चल रही थी. जिसके कारण वह मृतक से चिढ़ा हुआ था। उसने 3 दिसंबर 2019 की रात करीब 9.30 योजनाबद्ध तरीके से गांव में रामसजीवन को घेर लिया और गाली गलौज लगा. हत्या करने राम सजीवन ने विरोध किया तो उसे लाठी से मारने लगा.
शोर सुनकर रामसंजीवन का भाई बाबू लाल अगरिया दौड़कर आया तो समर बहादुर के साले अनिल ने उस पर लाठी से हमला कर दिया. मारपीट करने के बाद आरोपी चले गये। तब भाई ने जाकर थाने में रिपोर्ट दर्ज करायी थी.