सिंगरौली में राशन घोटाला: गरीबों का अनाज सीधे दलाल के घर पहुंचा, पुलिस ने मारा छापा

सिंगरौली : जिले में गरीबों के हक पर डाका डालने का मामला सामने आया है. नागरिक आपूर्ति निगम (नान) द्वारा सरई के चमारीडोल स्थित शासकीय राशन दुकान के लिए चावल और गेहूं भेजा गया. भेजे गये राशन में से दुकान का सेल्समैन आधा राशन दुकान में उतरवाया और आधा राशन ले जाकर बेलगांव निवासी रामकृपाल प्रजापति पिता रामकुमार प्रजापति के घर में रखवा दिया.

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यानी गरीबों को जो राशन दिया जाना है, उसमें डाका डालते हुए सेल्समैन ने राशन को अपने मित्र के घर में ले जाकर स्टॉक करवा दिया. सरकारी राशन की ब्लैकमेलिंग की सूचना जब पुलिस को मिली तो पुलिस ने उस घर में छापा मारा. छापे के दौरान उस घर से 53 बोरी फोर्टीफाइड चावल और 42 बोरी गेहूं मिला है. यह राशन चमारीडोल की राशन दुकान से गरीबों को निःशुल्क वितरित किया जाना था. रामकृपाल के घर में मिले गेहूं और चावल को पुलिस ने जब्त कर लिया है.

जानिए पूरा मामला

अन्नदूत वाहन से गरीबों में निःशुल्क वितरित किये जाने वाला खाद्यान्न चावल और गेहूं चमारीडोल की शासकीय राशन दुकान के लिए भेजा गया था. अन्नदूत वाहन चमारीडोल स्थित राशन दुकान पर पहुंचा और दुकान के सेल्समैन संतोष जायसवाल के कहने पर आधा राशन दुकान में उतारा और आधा राशन बेलगांव निवासी रामकृपाल के घर में उतार कर चला गया.

गरीबों का राशन किसी के घर में उतारे जाने की सूचना स्थानीय लोगों ने पुलिस और सरई तहसीलदार को दी. सूचना मिलने के बाद  पुलिस और तहसीलदार संयुक्त टीम बनाकर बेलगांव दबिश देने पहुंचे. रामकृपाल के घर से गरीबों को वितरित किया जाने वाला 50 क्विंटल राशन मिला.

अन्नदूत वाहन की निगरानी में लापरवाही

अन्नदूत वाहन से राशन नागरिक आपूर्ति निगम की देखरेख में भेजा जाता है. राशन लोड वाहन में जीपीएस सिस्टम लगा होता है, जिसकी मॉनिटरिंग नान और खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारियों द्वारा की जाती है. ऐसे में सवाल यही उठ रहा है कि जब दोनों विभागों द्वारा राशन परिवहन की मॉनिटरिंग की जाती है तो फिर गरीबों में वितरित किये जाने वाला राशन किसी के घर में कैसे पहुंच गया.

इस मामले में नागरिक आपूर्ति निगम और खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध प्रतीत हो रही है. लोगों का कहना है कि सरई क्षेत्र में तैनात खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से ही पूरा खेल लंबे समय से खेला जा रहा है.

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