ग्वालियर में रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव, पर्यटन क्षेत्र में मिले 3500 करोड़ के निवेश प्रस्ताव

ग्वालियर में आयोजित रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव पर्यटन क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि साबित हुआ है। इस कॉन्क्लेव में कुल 3500 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिससे प्रदेश में पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए कहा कि ग्वालियर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है।

कॉन्क्लेव में 25 से अधिक प्रमुख इन्वेस्टर्स, देशभर से आए 125 से ज्यादा ट्रैवल और टूर ऑपरेटर तथा बड़ी संख्या में स्थानीय कलाकारों ने हिस्सा लिया। इस दौरान प्रदेश में धार्मिक पर्यटन, हेरिटेज साइट्स के विकास, एडवेंचर और वाइल्डलाइफ टूरिज्म को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेश के इन प्रस्तावों से न केवल रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, बल्कि प्रदेश का आर्थिक विकास भी तेज होगा।

ग्वालियर, जो अपनी ऐतिहासिक किलों, स्मारकों और संगीत परंपरा के लिए प्रसिद्ध है, अब आधुनिक पर्यटन सुविधाओं से भी जुड़ने जा रहा है। कार्यक्रम में भाग लेने वाले कई निवेशकों ने कहा कि प्रदेश में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं और यहां सरकार का सहयोगी रुख निवेशकों के लिए सकारात्मक माहौल बना रहा है।

कॉन्क्लेव के दौरान स्थानीय कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिससे प्रदेश की कला और संस्कृति को मंच मिला। साथ ही, ट्रैवल ऑपरेटरों ने निवेशकों के साथ मिलकर विभिन्न पर्यटन सर्किट्स और पैकेज तैयार करने पर चर्चा की।

पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इन निवेश प्रस्तावों को जल्द ही ठोस योजनाओं में बदला जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि ग्वालियर सहित पूरे मध्यप्रदेश को पर्यटन मानचित्र पर और मजबूत पहचान मिले।

ग्वालियर में हुआ यह आयोजन इस बात का संकेत है कि आने वाले वर्षों में प्रदेश पर्यटन क्षेत्र में बड़े पैमाने पर बदलाव देखने को मिलेगा और यह क्षेत्र प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन सकता है।

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