सागर: एमपी के पूर्व मंत्री बीजेपी नेता भूपेंद्र सिंह की मुश्किलें फिर बढ़ गई हैं. देश की शीर्ष अदालत ने उन्हें नोटिस जारी किया है. भूपेन्द्र सिंह के भतीजे लखन सिंह के अवैध क्रेशर पर करंट से घायल हुए 12 साल के बच्चे मानस शुक्ला के पिता राकेश शुक्ला और कांग्रेस नेता अंशुल सिंह परिहार की याचिका पर ये सख्ती दिखाई गई है. सुप्रीम कोर्ट ने सागर के SP और कलेक्टर को भी नोटिस देकर जवाब तलब किया है. इन सभी से 4 सप्ताह में जवाब मांगा गया है.
प्रदेश के पूर्व मंत्री, कलेक्टर व एसपी जैसे अधिकारियों को शीर्ष अदालत के नोटिस से राजनैतिक और प्रशासनिक हल्कों में खलबली मच गई है. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में चार सप्ताह में जवाब मांगा है. आपको बता दें कि हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से मानस शुक्ला के हाथ कट गए थे, लेकिन शिकायत के बाद भी सागर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की.
इस पर सुप्रीम कोर्ट ने एमपी के पूर्व मंत्री व खुरई के बीजेपी विधायक भूपेन्द्र सिंह, उनके भतीजे लखन सिंह सागर के एसपी और कलेक्टर के साथ मध्यप्रदेश सरकार को भी नोटिस जारी किया है. मानस शुक्ला के पिता राकेश शुक्ला की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई हुई. कोर्ट ने मामले में सख्त रुख दिखाया.
ये है घटनाक्रम
सागर जिले के बारदा गांव में एक क्रेशर के पास हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से 12 साल का मानस शुक्ला घायल हो गया. डॉक्टरों को उसके हाथ काटने पड़े. मामले में पुलिस को शिकायत की गई लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं की गई. मानस के पिता राकेश शुक्ला का आरोप है कि प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री, बीजेपी नेता और खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह के रसूख की वजह से पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. मामले की राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग में भी शिकायत की गई.
आयोग ने मामले में एसपी, कलेक्टर को घेरा तो पूर्व मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने सार्वजनिक सूचना जारी कर कहा कि उनका भाई भतीजों से कोई वास्ता नहीं है. मेरी पुत्रियां, पुत्र और पत्नी ही मेरा परिवार है. अन्य किसी के साथ मेरा नाम न जोड़ा जाए. उन्होंने स्पष्ट किया कि पैतृक संपत्ति के बंटवारा के बाद सभी भाई और भतीजे अपना-अपना व्यवसाय चला रहे हैं. कोई उनके नाम का दुरुपयोग कर अवैध गतिविधि करता है तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे.