सहारनपुर : सहारनपुर में आयोजित अग्निवीर भर्ती रैली में कुल 1506 अभ्यर्थियों का रजिस्ट्रेशन हुआ था, जिसमें से 1282 अभ्यर्थी ही भर्ती रैली में शामिल हुए. पहले दिन 986 अभ्यर्थी मैदान पर दौड़े, जबकि दूसरे दिन 968 अभ्यर्थियों ने दौड़ में हिस्सा लिया. इस भर्ती रैली में दौड़ के दौरान तीन अभ्यर्थियों की दाएं पैर की हड्डी टूट गई, जिन्हें तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया. भर्ती रैली के दौरान इस तरह के हादसे ने आयोजन के दौरान सुरक्षा और सतर्कता की आवश्यकता को और अधिक महत्वपूर्ण बना दिया है.
दूसरे दिन भर्ती रैली में कुल 1500 अभ्यर्थियों के शामिल होने की योजना थी, लेकिन 532 अभ्यर्थी ऐसे थे जिन्होंने इस भर्ती रैली में शामिल होने से इंकार कर दिया या अन्य कारणों से भाग नहीं लिया. यह आंकड़ा एक संकेत है कि भर्ती प्रक्रिया में कुछ अभ्यर्थियों को समस्याओं का सामना करना पड़ा हो, जिससे उन्हें भाग लेने में असुविधा हुई हो.
अब 26 दिसंबर, यानी आज से अग्निवीर भर्ती रैली के दूसरे चरण की शुरुआत होगी, जिसमें बुलंदशहर, सिकंदराबाद, स्याना, अनूपशहर और शिकारपुर जिलों के अभ्यर्थी शामिल होंगे। इस भर्ती में सामान्य भर्ती के पद के लिए 1600 मीटर की दौड़ लगानी होगी, जिसे चार राउंड में पूरा किया जाएगा। इस भर्ती प्रक्रिया के तहत उम्मीदवारों को शारीरिक दक्षता के आधार पर चुना जाएगा. यह रैली उन उम्मीदवारों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है जो भारतीय सेना में अपनी सेवाएं देना चाहते हैं.
भर्ती रैली के आयोजन में सेना के अधिकारियों और संबंधित प्रशासन ने इस बार सुरक्षा और स्वास्थ्य मानकों को ध्यान में रखते हुए विशेष तैयारी की है. हालांकि, पिछले दिनों हुए हादसों के बाद अब यह उम्मीद की जा रही है कि आगामी भर्ती रैलियों में अभ्यर्थियों की सुरक्षा के उपायों को और मजबूत किया जाएगा. अभ्यर्थियों को बेहतर मार्गदर्शन और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि ऐसी घटनाओं से बचा जा सके.
इस भर्ती रैली को लेकर अभ्यर्थियों के बीच उत्साह तो है, लेकिन साथ ही भर्ती प्रक्रिया को लेकर कई सवाल भी उठ रहे हैं. इस भर्ती रैली में सफलता पाने के लिए अभ्यर्थियों को शारीरिक और मानसिक दोनों स्तर पर तैयारी करनी होती है. भर्ती के बाद भी सेना में शामिल होने की प्रक्रिया लंबी और कठिन होती है, जिससे उम्मीदवारों को कई चरणों में अपनी क्षमताओं को साबित करना होता है.
सहारनपुर और आसपास के जिलों में इस भर्ती रैली के आयोजन को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है. अभ्यर्थियों के साथ-साथ उनके परिवार भी इस अवसर को लेकर आशान्वित हैं, क्योंकि भारतीय सेना में शामिल होने का सपना बहुत से युवाओं के लिए जीवन बदलने वाला अवसर साबित हो सकता है.
आगे की भर्ती रैलियों में भी अभ्यर्थियों की संख्या में बढ़ोतरी की संभावना है, क्योंकि यह भर्ती कार्यक्रम पूरे राज्य में बहुत चर्चा में है. अभ्यर्थियों के लिए यह एक सुनहरा अवसर है, जिसे वे अपनी कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प से हासिल कर सकते हैं.